राज्यसभा में गूगल मैप्स से होने वाली दुर्घटनाओं पर उठे सवाल, स्वदेशी मॉडल अपनाने की मांग 

गूगल मैप्स में होने वाली गड़बड़ी के कारण भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे यह एक गंभीर समस्या बन चुकी है. हाल ही में केरल, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां गूगल मैप्स की गलत दिशा-निर्देशों के कारण हादसे हुए. अब यह मुद्दा राज्यसभा तक पहुंच चुका है, और संसद में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है.

Date Updated Last Updated : 03 February 2025, 05:35 PM IST
फॉलो करें:
Courtesy: social media

गूगल मैप्स में होने वाली गड़बड़ी के कारण भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे यह एक गंभीर समस्या बन चुकी है. हाल ही में केरल, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां गूगल मैप्स की गलत दिशा-निर्देशों के कारण हादसे हुए. अब यह मुद्दा राज्यसभा तक पहुंच चुका है, और संसद में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है.  

गूगल मैप्स के कारण बढ़ रही दुर्घटनाएं  

गूगल मैप्स भारत में यातायात मार्गदर्शन के लिए एक लोकप्रिय सेवा है, लेकिन हाल के वर्षों में इस सेवा में आने वाली गड़बड़ियों के कारण कई दुर्घटनाएं घटित हुई हैं. केरल, उत्तर प्रदेश और बिहार में इसके कारण कई लोग घायल हो चुके हैं और कुछ मामलों में तो मौतें भी हुई हैं. गूगल मैप्स के गलत मार्गदर्शन के कारण कई वाहन चालक सीधे खतरनाक और अव्यवस्थित रास्तों पर चले जाते हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण बनता है.  

राज्यसभा में उठे सवाल

शून्यकाल के दौरान राज्यसभा में इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा हुई. एक सांसद ने सरकार से मांग की कि इस समस्या पर ठोस कदम उठाए जाएं और एक स्वदेशी मॉडल को बढ़ावा दिया जाए. उनका कहना था कि भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से गूगल मैप्स में सुधार की आवश्यकता है. सांसद ने यह भी सुझाव दिया कि यदि देश में कोई स्वदेशी ट्रैफिक दिशा-निर्देश प्रणाली विकसित की जाए, तो यह न केवल सटीक होगी, बल्कि यह भारतीय सड़कों और यातायात की जटिलताओं को भी बेहतर ढंग से समझ पाएगी.  

स्वदेशी समाधान की आवश्यकता

सांसद का मानना है कि एक स्वदेशी मैपिंग सिस्टम की आवश्यकता है, जो भारतीय सड़क व्यवस्था, जटिल ट्रैफिक नियमों और विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर काम करे. उनका कहना था कि गूगल मैप्स जैसे विदेशी सिस्टम का भारतीय परिवेश में हमेशा सही तरीके से काम करना मुश्किल होता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है.  

भारत में गूगल मैप्स के कारण हो रही दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की जा रही है. राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाकर सांसदों ने सरकार से जल्द और प्रभावी कदम उठाने की अपील की है. अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्या भारत में एक स्वदेशी ट्रैफिक मार्गदर्शन प्रणाली का विकास होता है या नहीं.  

सम्बंधित खबर