झारखंड से लापता हुआ 10 आदिवासी बच्चे पहुंचे गया बिहार, 24 घंटे में सुरक्षित रेस्क्यू कर पुलिस ने पहुंचाया घर

झारखंड के कोडरमा जिले से 31 जनवरी को दस आदिवासी बच्चे लापता हो गए थे. जिन्हें सही सलामत बिहार के गया से रेस्क्यु किया गया है.

Date Updated Last Updated : 08 February 2026, 12:02 PM IST
फॉलो करें:
Courtesy: Pinterest

रांची: झारखंड के कोडरमा जिले से लापता हुए दस आदिवासी बच्चों के परिजनों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है. खबर है कि झारखंड से लापता हुए दस आदिवासी बच्चों को सही सलामत बिहार से बरामद कर लिया गया है. एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद रास्ता भटक जाने वाले ये बच्चे अनजाने में बिहार के गया पहुंच गए थे. कई दिनों की अनिश्चितता के बाद जब सभी बच्चे सकुशल अपने घर लौटे, तो पूरे इलाके में राहत और खुशी का माहौल देखने को मिला.

पुलिस के अनुसार, ये सभी बच्चे 31 जनवरी से लापता थे. इनमें छह लड़कियां भी शामिल हैं और सभी बच्चे विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह (PVTG) से आते हैं. रविवार को पुलिस ने पुष्टि की कि बच्चों को बिहार के गया जिले से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है.

कैसे बिछड़ा बच्चों का समूह

कोडरमा के खारियोडीह पंचायत अंतर्गत गड़ियाही बिरहोर टोला के रहने वाले ये सभी बच्चे अपने गांव के लोगों के साथ पारसाबाद में आयोजित एक श्राद्ध समारोह में गए थे. कार्यक्रम में गांव के करीब 60–70 लोग शामिल हुए थे. लेकिन इस सामरोह से लौटते समय ये दस बच्चे अपने समूह से बिछड़ गए और भटकते हुए पारसादीह रेलवे स्टेशन पहुंच गए.

 ट्रेन से गया तक का सफर

मिली जानकारी के अनुसार, ये सभी बच्चे किसी ट्रेन में चढ़ तो गए थे, लेकिन सही स्टेशन पर उतर नहीं पाए. इसी कारण वे सीधे बिहार के गया पहुंच गए. वहां वे इधर-उधर भटकते रहे, जिसके बाद 2 फरवरी को गया पुलिस की नजर उन पर पड़ी.

गया पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित बचाकर बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया और उन्हें एक बाल गृह में रखा गया. 7 फरवरी को इसकी सूचना कोडरमा पुलिस को दी गई.

पहचान और वापसी की प्रक्रिया

कोडरमा के पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह अपनी टीम के साथ गया पहुंचे, जहां बाल गृह में बच्चों के विवरण का मिलान किया गया और वीडियो कॉल के जरिए उनके परिजनों से पहचान कर पुष्टि की गई. इसके बाद सभी बच्चों को सुरक्षित कोडरमा वापस लाया गया.

बता दें पुलिस ने यह साफ किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई साजिश नही की गई थी. बच्चों के लापता होने की रिपोर्ट 6 फरवरी को दर्ज हुई थी और एफआईआर के 24 घंटे के भीतर उनका पता लगा लिया गया.

सम्बंधित खबर