नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के नए फ्रेमवर्क ने सिर्फ आर्थिक क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है. इस समझौते से जुड़ी एक छोटी-सी लेकिन अहम बात ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है. वजह है अमेरिका की ओर से जारी किया गया एक आधिकारिक नक्शा, जिसने कश्मीर को लेकर भारत के रुख को खुला समर्थन दे दिया है.
अमेरिका और भारत ने हाल ही में एक अंतरिम ट्रेड डील फ्रेमवर्क जारी किया है. इस फ्रेमवर्क के तहत दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने, टैरिफ घटाने और अमेरिकी उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलने की बात कही गई है. लेकिन इसी घोषणा के साथ इस्तेमाल किए गए नक्शे ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा. जिसमें अमेरिका ने पीओके को भारत का हिस्सा बताया है.
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) की ओर से साझा किए गए इस नक्शे में पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया है. इसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को भी भारत के भीतर दर्शाया गया है. खास बात यह है कि नक्शे में न तो लाइन ऑफ कंट्रोल दिखाई गई है और न ही किसी तरह का विवादित क्षेत्र.
From tree nuts and dried distillers’ grains to red sorghum and fresh and processed fruit, the U.S.-India Agreement will provide new market access for American products. pic.twitter.com/mqpP10LJp1
— United States Trade Representative (@USTradeRep) February 6, 2026
USTR के पोस्ट में बताया गया कि इस समझौते से अमेरिकी उत्पादों जैसे ट्री नट्स, सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, लाल ज्वार और ताज़े व प्रोसेस्ड फल को भारत में नए बाजार मिलेंगे. हालांकि, इन आर्थिक बातों से ज्यादा चर्चा नक्शे को लेकर हो रही है, जिसे भारत के पक्ष में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है.
भारत लंबे समय से कहता आया है कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान उसके अभिन्न अंग हैं. अमेरिका के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से जारी इस नक्शे को कई लोग वाशिंगटन की सोच में बदलाव के तौर पर देख रहे हैं, जो अब इस मुद्दे पर तटस्थ नहीं दिखता.
इस घटनाक्रम को पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. दशकों से जिस मुद्दे पर वह अंतरराष्ट्रीय समर्थन की उम्मीद करता रहा, उसी पर उसका पुराना सहयोगी अमेरिका भारत के साथ खड़ा नजर आ रहा है. कुल मिलाकर, यह नक्शा सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक समीकरणों का साफ संकेत बन गया है.