फरीदाबाद: सूरजकुंड मेले की रौनक उस वक्त मातम में बदल गई, जब लोगों की जान बचाने के लिए आगे बढ़े एक पुलिसकर्मी ने खुद अपनी जान कुर्बान कर दी. पुलिस अधिकारी कुछ हफ्तों के बाद सेवानिवृत्त होने वाला था, लेकिन अपना कर्तव्य निभाने के चक्कर में वह शहीद हो गया. यह घटना न सिर्फ एक हादसा है, बल्कि जिम्मेदारी और सेवा भाव की भी मिसाल है. लोगो को बचाने के चक्कार में पुलिस अधिकारी जगदीश प्रसाद की मौत हो गई
बता दें शनिवार को फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में एक झूला अचानक असंतुलित होकर झुक गया और गिर पड़ा. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. पुलिस अधिकारी जगदीश प्रसाद और दो महिला कांस्टेबल तुरंत लोगों को झूले से सुरक्षित निकालने पहुंचे. इसी दौरान जगदीश प्रसाद के सिर में गंभीर चोट लगी. चोट की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पतान में इलाज के लिए भेजा गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
57 वर्षीय जगदीश प्रसाद हरियाणा के पलवल में तैनात थे और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के रहने वाले थे. 31 जनवरी से उनकी सूरजकुंड मेले में ड्यूटी लगी थी. वे अपने सहकर्मियों के बीच अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचाने जाते थे.
जगदीश प्रसाद ने 1989 में हरियाणा सशस्त्र पुलिस जॉइन की थी और 36 वर्षों की सेवा पूरी करने के बाद मार्च में रिटायर होने वाले थे. उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए साल 2019-20 में उन्हें हरियाणा के राज्यपाल द्वारा पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था.
हरियाणा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि नीति के तहत इंस्पेक्टर के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता और अन्य विभागीय लाभ दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि जगदीश प्रसाद को शहीद का दर्जा दिया जाएगा और उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा.
इस हादसे में 13 अन्य लोग घायल हुए, जिनका इलाज जारी है.जिसके बाद से मेले के दौरान सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं. अब झूला संचालक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है और घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है.