इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेताओं को गिरफ्तार किया गया, पार्टी ने पूरे पाकिस्तान में 'काला दिवस' मनाया

पीटीआई ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी स्वाबी में अपनी मुख्य रैली की योजना बनाई है, जहां पार्टी सत्ता में है. इसने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से देश भर में विरोध प्रदर्शन करने को भी कहा है.

Date Updated Last Updated : 08 February 2025, 08:42 PM IST
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Courtesy: social media

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया, जब पार्टी ने 8 फरवरी को 'काला दिवस' के रूप में मनाने के लिए विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई थी. पीटीआई ने इस दिन को पिछले साल के आम चुनावों में कथित धांधली के खिलाफ विरोध प्रकट करने का अवसर बताया. पार्टी ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी स्वाबी में अपनी मुख्य रैली की योजना बनाई थी, जहां पार्टी सत्ता में है. 

पीटीआई ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया

खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर ने कहा कि 'जनता के जनादेश की ऐतिहासिक चोरी' के विरोध में 'काला दिवस' मनाया जा रहा है. उन्होंने पीटीआई समर्थकों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पाकिस्तान के सभी शहरों में विरोध प्रदर्शन करें. गंदापुर ने कहा, "काला दिवस हर साल मनाया जाएगा और इस साल 8 फरवरी को स्वाबी में एक रैली आयोजित की जाएगी."

धारा 144 के तहत प्रतिबंध

सरकार ने इस्लामाबाद और अन्य क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी है, जिसके तहत सभी राजनीतिक सभाओं, धरना-प्रदर्शनों, रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. पंजाब में भी धारा 144 लागू की गई है. गृह विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य कानून और व्यवस्था बनाए रखना और आतंकवादी हमलों से बचाव करना है. 

गिरफ्तारी और कार्रवाई 

पुलिस ने मुल्तान में पीटीआई नेताओं मेहर बानो कुरैशी, जाहिद बहार हाशमी और दलीर मेहर को धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया. जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्र में रैली आयोजित करने की कोशिश करने पर 10 से अधिक पीटीआई कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया. इस बीच, मुजफ्फराबाद में कई पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ प्रदर्शनकारी भागने में सफल रहे. 

बलूचिस्तान में धारा 144 लागू

बलूचिस्तान में 15 दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है, जिसमें हथियारों के प्रदर्शन और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है. साथ ही धरने, जुलूस और पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. 

सरकारी मशीनरी पर आरोप 

संघीय रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पीटीआई पर खैबर पख्तूनख्वा में अपनी सभा आयोजित करने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "आप पंजाब, सिंध या बलूचिस्तान में विरोध प्रदर्शन करें, क्योंकि वहां आप दावा करते हैं कि आपके साथ अन्याय हुआ है." 

पीटीआई पर आलोचना  

पंजाब के सूचना मंत्री आजमा बोखारी ने 'काला दिवस' की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पार्टी खुद खैबर पख्तूनख्वा में सत्ता में है, लेकिन वहां के लोग केवल भ्रष्टाचार की कहानियां सुन रहे हैं. उन्होंने पीटीआई पर पूरे देश को अपने दुख में घसीटने का आरोप लगाया और कहा, "जबकि पीटीआई खुद रोती है, वह पूरे देश को रुलाना चाहती है."

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