Kolkata rape case: बीजेपी का ममता सरकार पर गंभीर आरोप, 'पुलिस कर रही सबूतों को नष्ट'

कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में तूफान ला दिया है.

Date Updated Last Updated : 29 June 2025, 06:37 PM IST
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Kolkata rape case: कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में तूफान ला दिया है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर इस मामले में पीड़िता के बजाय आरोपियों का साथ देने का गंभीर आरोप लगाया है. बीजेपी का दावा है कि राज्य प्रशासन इस मामले में सबूतों को नष्ट करने की कोशिश कर रहा है, जिससे पीड़िता को न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है.

बीजेपी प्रवक्ता का ममता सरकार पर हमला

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 29 जून को तीखा हमला बोलते हुए कहा, "ममता बनर्जी की सरकार पीड़िता के साथ खड़ी नहीं है, बल्कि वह दुष्कर्म के आरोपियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है." उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा, जो टीएमसी की छात्र इकाई से जुड़ा है, को बचाने की कोशिश की जा रही है. भंडारी ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और पुलिस सबूतों को मिटाने में लगी है.

टीएमसी की साजिश का आरोप

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा के बीच कथित विवाद मामले से ध्यान भटकाने की साजिश है. मालवीय ने कहा, "टीएमसी के आंतरिक झगड़े इस जघन्य अपराध को दबाने के प्रयास का हिस्सा हैं. ममता बनर्जी की सरकार न केवल अपराधियों को बचा रही है, बल्कि पीड़िता की आवाज को भी दबाने की कोशिश कर रही है." 

उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल में महिलाएं न तो अपराधियों से सुरक्षित हैं और न ही सत्तारूढ़ पार्टी से. भाजपा ने ममता बनर्जी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं. पार्टी ने मांग की है कि मुख्यमंत्री इस मामले में माफी मांगें और अपने पद से इस्तीफा दें. इस घटना ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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