'लाडकी बहिन' योजना पर कटौती को लेकर कांग्रेस का भाजपा पर हमला, कहा – यही है ‘जुमला मॉडल’

जहां एक ओर कांग्रेस भाजपा पर “महिलाओं से धोखा” देने का आरोप लगा रही है, वहीं महाराष्ट्र सरकार इन दावों को “झूठा प्रचार” बताकर खारिज कर रही है. अब देखना यह होगा कि इस योजना में वास्तव में कोई बदलाव होता है या नहीं, और अगर होता है तो उसका राजनीतिक असर कितना गहरा होगा.

Date Updated Last Updated : 16 April 2025, 05:24 PM IST
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Courtesy: Social Media

महाराष्ट्र में ‘लाडकी बहिन’ योजना की सहायता राशि घटाए जाने की खबरों को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला. इस दौरान पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने इसे भाजपा का “जुमला मॉडल” करार दिया और कहा कि भाजपा चुनाव के समय महिलाओं की बातें करती है, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही वादों से मुंह मोड़ लेती है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा,“यही है भाजपा का जुमला मॉडल! चुनाव के समय 'लाडली बहना' की याद आती है, लेकिन चुनाव बीतते ही उसी बहना से मुंह मोड़ लिया जाता है. मोदी सरकार की नीतियों ने आम आदमी की आमदनी पहले ही कम कर दी है, ऊपर से महंगाई की मार ने गृहणियों और आम महिलाओं के लिए घर चलाना और मुश्किल कर दिया है.”


जयराम रमेश का तंज - 'एक हाथ से लुटाओ, दूसरे से काटो'

राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने आगे लिखा,“सरकार का संदेश साफ है — एक हाथ से पूंजीपति मित्रों पर पैसे लुटाओ और दूसरे हाथ से जनता की जेब काटो. ऐसे में मतलब साफ है कि आज देशभर में लाखों परिवार कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं. आम महिलाएं बच्चों की परवरिश और घर चलाने के लिए अपना सोना तक गिरवी रख रही हैं.

क्या वास्तव में घटाई गई राशि?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'लाडकी बहिन' योजना के तहत राज्य की करीब आठ लाख महिलाओं को दी जाने वाली सहायता राशि ₹1500 से घटाकर ₹500 कर दी गई है. इस खबर के आधार पर ही कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोला है.

अजित पवार ने दी सफाई

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने साफ कहा कि “महिलाओं को फाइनेंशियल मदद प्रदान करने वाली 'लाडकी बहिन' योजना जारी रहेगी. इसे बंद करने या सहायता राशि घटाने का कोई सवाल ही नहीं है. पवार के अनुसार, सरकार महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और इस योजना को और अधिक प्रभावशाली बनाने पर विचार किया जा रहा है.

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