यूपी के सीएम आदित्यनाथ और महाकुंभ पर 'आपत्तिजनक' टिप्पणी के लिए सपा नेता पर मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाकुंभ पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और पूर्व विधायक सुल्तान बेग के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है.

Date Updated Last Updated : 05 February 2025, 05:57 PM IST
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Courtesy: social media

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाकुंभ पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और पूर्व विधायक सुल्तान बेग के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है. भाजपा नेता वीरपाल सिंह की शिकायत पर मंगलवार को बरेली जिले के शेरगढ़ पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है. यह मामला उस वक्त सामने आया जब सुल्तान बेग पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और महाकुंभ के बारे में अपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया.

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

सर्किल ऑफिसर अरुण कुमार सिंह के अनुसार, सुल्तान बेग के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 353 (सार्वजनिक शरारत करने वाले बयान) और धारा 299 (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर या दुर्भावनापूर्ण कार्य) के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत भी बेग पर आरोप लगाए गए हैं, जो इंटरनेट या अन्य इलेक्ट्रॉनिक रूपों के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने से संबंधित है.

सपा नेता की टिप्पणी पर विवाद

सुल्तान बेग के खिलाफ यह कार्रवाई उनकी एक टिप्पणी के बाद हुई, जिसमें उन्होंने योगी आदित्यनाथ और महाकुंभ पर नकारात्मक टिप्पणी की थी. इस बयान ने राजनीतिक हलकों में विवाद पैदा कर दिया था, और भाजपा के नेता वीरपाल सिंह ने इसे सार्वजनिक रूप से गलत बताया और इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी. भाजपा नेताओं का कहना है कि सपा नेता का यह बयान न केवल मुख्यमंत्री की छवि को ठेस पहुंचाता है, बल्कि यह पूरे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन, महाकुंभ को भी बदनाम करता है.

सपा नेता का पक्ष

वहीं, सुल्तान बेग ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म या धार्मिक आयोजन का अपमान करना नहीं था. उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और वह इसके लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका बयान राजनीतिक उद्देश्यों के तहत नहीं था, बल्कि यह केवल अपने विचार व्यक्त करने का तरीका था.

इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश में आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है. सुल्तान बेग के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर और उनकी टिप्पणी ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. अब यह देखना होगा कि यह मामला कानूनी तौर पर किस दिशा में आगे बढ़ता है और इसके परिणामस्वरूप क्या होता है.

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