छत्तीसगढ़ का बस्तर बना 'नक्सल मुक्त',  40 साल बाद सुरक्षाबलों की मेहनत लाई रंग

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है. दशकों से नक्सलवाद की चपेट में रहा यह जिला अब आधिकारिक तौर पर 'नक्सल मुक्त' घोषित कर दिया गया है. केंद्र सरकार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बस्तर अब वामपंथी उग्रवाद (LWE) से पूरी तरह मुक्त हो चुका है.

Date Updated Last Updated : 29 May 2025, 04:40 PM IST
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Bastar Naxal free: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है. दशकों से नक्सलवाद की चपेट में रहा यह जिला अब आधिकारिक तौर पर 'नक्सल मुक्त' घोषित कर दिया गया है. केंद्र सरकार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बस्तर अब वामपंथी उग्रवाद (LWE) से पूरी तरह मुक्त हो चुका है.

यह उपलब्धि सुरक्षाबलों की अथक मेहनत और रणनीतिक कार्रवाइयों का परिणाम है, जिसने इस क्षेत्र को नक्सलियों के चंगुल से आजाद कराया.

सुरक्षाबलों की कड़ी मेहनत

पिछले कुछ समय में सुरक्षाबलों ने बस्तर में कई बड़े नक्सल कमांडरों को ढेर किया, जिससे नक्सलियों का संगठन कमजोर पड़ गया. दिन-रात एक कर मेहनत करने वाले सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर इस क्षेत्र में शांति स्थापित की. उनकी रणनीतियों और समर्पण ने न केवल नक्सलियों की ताकत को तोड़ा, बल्कि स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा और विश्वास की भावना को पुनर्जनन किया.

40 साल की लड़ाई का अंत

बस्तर जिला पिछले चार दशकों से नक्सलवाद के साये में था, जिसने इस क्षेत्र के विकास और शांति को बाधित किया. नक्सलियों के खिलाफ लंबी लड़ाई के बाद, केंद्र सरकार की यह घोषणा बस्तर के लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है. अब इस क्षेत्र में विकास और समृद्धि की नई राहें खुलने की संभावना है.

'नक्सल मुक्त' बस्तर की यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के लिए एक नया अध्याय शुरू करती है. सरकार और स्थानीय प्रशासन अब इस क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज करने की योजना बना रहे हैं, ताकि बस्तर के लोग शांति और समृद्धि का लाभ उठा सकें.

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