'औरंगजेब फैन क्लब बन गया है अघाड़ी', अमित शाह ने उद्धव ठाकरे पर बोला हमला

Maharashtra Assembly Election: महाराष्ट्र में एक चुनावी रैली के दौरान भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने महा विकास अघाड़ी गठबंधन पर निशाना साधा है. महाराष्ट्र के धुले में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने पिता बाल ठाकरे के सिद्धांतों को भूल गए हैं. 

Date Updated Last Updated : 13 November 2024, 04:34 PM IST
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Maharashtra Assembly Election: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के धुले में एक रैली के दौरान महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठबंधन पर हमला बोला और इसे "औरंगजेब फैन क्लब" कहा. उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने पिता बाल ठाकरे के सिद्धांतों से भटक गए हैं और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाली पार्टियों के साथ गठबंधन कर रहे हैं.

'सत्ता के लिए सिद्धांतों को भुलाया'

अमित शाह ने कहा कि अघाड़ी सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति करती है. सत्ता पाने के लिए उद्धव जी ने बाला साहब ठाकरे के सिद्धांतों को भुला दिया है. उद्धव बाबू, आप उन दलों के साथ बैठे हैं जिन्होंने औरंगाबाद का नाम बदलने, राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 हटाने और पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक का विरोध किया था. उन्होंने महाराष्ट्र की जनता को दो स्पष्ट विकल्पों के बारे में सोचने का आह्वान करते हुए कहा कि अघाड़ी औरंगजेब का फैन क्लब है, जबकि महायुति छत्रपति शिवाजी महाराज और वीर सावरकर के सिद्धांतों का पालन करता है.

विकास बनाम विनाश का चुनाव

अमित शाह ने कहा कि महायुति का मतलब विकास है और अघाड़ी का मतलब विनाश है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश समृद्धि और सुरक्षा की ओर बढ़ा है. शाह के अनुसार, "मनमोहन सिंह के समय भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान पर थी, जबकि मोदी ने इसे पांचवें स्थान पर पहुंचा दिया है. 2027 तक भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी. उन्होंने महा विकास अघाड़ी पर झूठे वादे करने का भी आरोप लगाया."

आरक्षण पर राहुल गांधी को चुनौती

अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि मुसलमानों को आरक्षण देने के लिए एससी, एसटी और ओबीसी के लिए निर्धारित कोटा में कटौती करनी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि राहुल बाबा, आपकी चार पीढ़ियां भी आ जाएं, तो भी वे एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षित कोटा में कटौती करके मुसलमानों को आरक्षण नहीं दे पाएंगे.

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