वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज को मिली जान से मारने की धमकी, हिंदू संगठनों में रोष

एक युवक ने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा कर संत के खिलाफ धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इस घटना ने हिंदूवादी संगठनों और साधु-संतों में आक्रोश पैदा कर दिया है.

Date Updated Last Updated : 02 August 2025, 12:57 PM IST
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Premanand Maharaj: भारत को संतों का देश माना जाता है. ऐसे में अगर कोई किसी संत को जान से मारने की धमकी दे तो यह शर्म की बात है. ऐसा ही एक मामला एक बार फिर यूपी के वृंदावन में हुआ है, जहां संत प्रेमानंद महाराज को हाल ही में सोशल मीडिया के ज़रिए जान से मारने की धमकी दी गई है. एक युवक ने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा कर संत के खिलाफ धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इस घटना ने हिंदूवादी संगठनों और साधु-संतों में आक्रोश पैदा कर दिया है.

विवादास्पद बयान बना धमकी का कारण

संत प्रेमानंद महाराज हाल ही में अपने एक बयान को लेकर चर्चा में आए थे, जिसमें उन्होंने युवाओं को मर्यादित जीवनशैली अपनाने और नैतिक मूल्यों का पालन करने की सलाह दी थी. उन्होंने समाज में बढ़ते 'बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड' संस्कृति पर सवाल उठाते हुए इसे सामाजिक मूल्यों के लिए हानिकारक बताया.

इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिसके बाद कई लोगों ने इस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दीं. इसी वीडियो के संदर्भ में एक युवक ने संत को धमकी दी और कहा कि अगर वह मेरे परिवार के बारे में बोलता, तो मैं उसका गला काट देता.

साधु-संतों और हिंदू संगठनों का गुस्सा

इस धमकी के बाद साधु-संतों और हिंदूवादी संगठनों में भारी रोष देखा जा रहा है. श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलारी बाबा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि प्रेमानंद महाराज के खिलाफ कोई भी गलत हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी. हम ऐसे अपराधियों के खिलाफ हर तरह से तैयार हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि धमकी देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए.

वहीं महंत रामदास जी ने कहा कि साधु, गाय और कन्या की रक्षा हमारी प्राथमिकता है. प्रेमानंद महाराज के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करने वालों को साधु समाज माफ नहीं करेगा. यह घटना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और धार्मिक भावनाओं के दुरुपयोग को दर्शाती है. संत प्रेमानंद महाराज के समर्थकों ने इस मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

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