टीचर से मदद मांगती रही अमायरा, 45 मिनट तक CBSE की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

अमायरा कुमार मीना के सुसाइड को लेकर CBSE ने अपनी डिटेल्ड रिपोर्ट जारी की है. उन्होंने रिपोर्ट में कहा है इस मामले में क्लास टीचर के दखल की बेहद जरूरी है.

Date Updated Last Updated : 21 November 2025, 01:42 PM IST
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जयपुर: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने जयपुर के एक जाने-माने स्कूल में क्लास 4 की स्टूडेंट, नौ साल की अमायरा कुमार मीना के सुसाइड पर अपनी डिटेल्ड रिपोर्ट जारी की है, जिसके बाद पूरा देश सदमे में है. रिपोर्ट एक दर्दनाक नतीजे की ओर इशारा करती है अमायरा 18 महीने तक बुलीइंग का शिकार हुई थी और उसे उसके स्कूल और दुख की बात है कि, उसके क्लास टीचर ने पूरी तरह फेल कर दिया था. 

CBSE रिपोर्ट अमायरा के आखिरी घंटों को एक साथ जोड़ती है, जिसमें सपोर्ट की बहुत बड़ी कमी दिखाई देती है जिसने लड़की को उसके टूटने के पॉइंट तक पहुंचा दिया. सुबह 11:00 बजे से पहले CCTV फुटेज में दिखा कि अमायरा की सुबह सच में अच्छी थी. उसे पॉजिटिव बातें करते, डांस करते, चॉकलेट और गोलगप्पे खाते, खुश और हंसते हुए देखा गया.'

लड़कों ने किया अमायरा को बुली

सुबह 11:00 बजे के बाद सब कुछ बदल गया. अमायरा क्लासरूम में लड़कों के एक ग्रुप द्वारा डिजिटल स्लेट पर लिखे या बनाए गए कंटेंट से साफ तौर पर परेशान और शर्मिंदा हो गई. कंटेंट शायद वही बुरे शब्द और बेइज्जती भरे कमेंट्स थे जिनका जिक्र उसके माता-पिता ने किया था. अमायरा को अपने क्लासमेट्स से रुकने और जो लिखा था उसे मिटाने के लिए गुस्से में कहते देखा गया. उसने खुद भी कुछ लिखा और फिर उसे हटाने की रिक्वेस्ट की. CBSE ने कहा, 'टीचर के दखल की बहुत जरूरत थी.' 

45 मिनट की बेताब मिन्नतें नजरअंदाज की गईं

यह रिपोर्ट का सबसे दिल तोड़ने वाला हिस्सा है. टीचर, पुनीता शर्मा उस समय कुछ नहीं कर पाईं जब उनके स्टूडेंट को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी. अमायरा 45 मिनट के समय में पांच बार अपनी टीचर के पास गई और बेसब्री से मदद मांगी. मदद करने के बजाय, टीचर ने प्रॉब्लम को नजरअंदाज कर दिया उन्हें कई बार चिल्लाते हुए देखा गया और ऐसी बातें कहीं जिनसे पूरी क्लास शॉक हो गई.

घिरा हुआ और परेशान महसूस करते हुए और कोई सपोर्ट या दखल न मिलने पर, अमायरा ने अपना लंच छोड़ दिया. वह अपनी ग्राउंड-फ्लोर क्लासरूम से निकली, चौथी मंजिल पर गई और दुख की बात है कि कूदकर उसकी मौत हो गई. CBSE रिपोर्ट सीधे तौर पर टीचर के कामों को दोषी ठहराती है अमायरा की असमय मौत का कारण टीचर का जवाब न देना, सुनना न पड़ना और समस्याओं के प्रति हमदर्दी/संवेदनशीलता की कमी" थी.

बुलीइंग को नजरअंदाज करने का एक पैटर्न

अमायरा का सुसाइड कोई अकेली घटना नहीं थी; यह 18 महीने से चल रहे एब्यूज का दुखद क्लाइमेक्स था जिसे स्कूल ने बार-बार नजरअंदाज किया. CBSE कमेटी ने यह नतीजा निकाला कि स्कूल और क्लास टीचर अमायरा के साथ हुए हैरेसमेंट और ट्रॉमा के बारे में अच्छी तरह जानते थे लेकिन उन्होंने कोई भी बचाव और प्रोएक्टिव एक्शन नहीं लिया. ऐसा लगता है कि स्कूल बुलीइंग से निपटने के लिए एक हेल्दी माहौल बनाए रखने में बस फेल रहा.

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