पंजाब में बाढ़ के बाद तेजी से चल रहा राहत कार्य, बीमारियों से बचने के लिए ऐसे काम कर रही मान सरकार

आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने इस दिशा में एक नई मिसाल कायम की है. पहली बार कोई सरकार है जो सिर्फ आदेश नहीं दे रही, बल्कि खुद मैदान में खड़ी है. 14 सितंबर से शुरू हुआ विशेष स्वास्थ्य अभियान पूरे पंजाब में राहत और सेवा का प्रतीक बन गया है.

Date Updated Last Updated : 15 September 2025, 11:15 AM IST
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Courtesy: Social Media

Punjab Flood Relief: पंजाब में बाढ़ का पानी भले ही कम हो गया हो, लेकिन असली चुनौती तब शुरू होती है जब सरकार प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कदम उठाए. आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने इस दिशा में एक नई मिसाल कायम की है. पहली बार कोई सरकार है जो सिर्फ आदेश नहीं दे रही, बल्कि खुद मैदान में खड़ी है. 14 सितंबर से शुरू हुआ विशेष स्वास्थ्य अभियान पूरे पंजाब में राहत और सेवा का प्रतीक बन गया है. 2303 बाढ़ प्रभावित गांवों में एक साथ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का यह अभियान अपने आप में ऐतिहासिक है.

इस अभियान की खासियत यह है कि यह सिर्फ स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं है. मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं. कैबिनेट मंत्री, विधायक, और आप के कार्यकर्ता गांव-गांव में सक्रिय हैं. जहां अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध नहीं हैं, वहां स्कूल, पंचायत भवन, और आंगनवाड़ी केंद्रों को अस्थायी मेडिकल सेंटर में बदला गया है. इन कैंपों में जरूरी दवाएं, ओआरएस, डेटॉल, बुखार की गोलियां, मलेरिया-डेंगू जांच किट, और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध है. हर गांव में आम आदमी पार्टी के नेता और वॉलंटियर सरकार की टीमों के साथ खड़े हैं, क्योंकि यह राहत नहीं, जनसेवा का मौका है.

आशा वर्कर्स की अहम भूमिका  

आशा वर्कर्स घर-घर जाकर हर परिवार की सेहत का हाल जान रही हैं. उनका लक्ष्य साफ है: कोई भी परिवार स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे. चाहे बच्चे की बीमारी हो, बुजुर्ग को बुखार, या किसी को कमजोरी, इलाज अब इंतजार नहीं करता. सरकार ने तय किया है कि 20 सितंबर तक हर घर तक कम से कम एक बार स्वास्थ्य सेवाएं जरूर पहुंचेंगी, और यह अभियान रविवार को भी निर्बाध चलेगा. बाढ़ के बाद डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को रोकने के लिए सरकार ने फॉगिंग और मच्छर नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया है. अगले 21 दिनों तक हर गांव में नियमित फॉगिंग की जा रही है. टीमें पानी के स्रोतों की जांच कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत स्प्रे का उपयोग कर रही हैं. हर ब्लॉक में मेडिकल ऑफिसर जवाबदेह हैं, और प्रतिदिन की प्रगति की रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड की जा रही है.

संसाधनों की कोई कमी नहीं

 इस अभियान में 550 से अधिक एंबुलेंस, 85 दवाओं का भंडार, और 23 मेडिकल उपयोगी वस्तुएं शामिल हैं. बड़े अस्पतालों के एमबीबीएस डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, और फार्मेसी कर्मचारी इस सेवा में जुटे हैं. सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि यह अभियान किसी भी कमी के कारण न रुके. पंजाब की जनता खुलकर कह रही है, "ए सरकार नहीं, साडा भरोसा है… असी पूरे मान नाल आम आदमी पार्टी दे नाल खड़े हां." मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में यह अभियान दिखा रहा है कि सरकार जिम्मेदारी को बोझ नहीं, बल्कि सेवा का अवसर मानती है. गांव की गलियों से लेकर हर घर तक पहुंच रही यह पहल साबित करती है कि आप की सरकार वास्तव में 'साडी सरकार' है.  

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