केजरीवाल-मान ने शुरू किया अनिवार्य उद्यमिता कोर्स, अब पंजाब के छात्र बनेंगे नौकरी देने वाले

पंजाब सरकार ने देश में पहली बार “एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट कोर्स (EMC)” को अनिवार्य किया है. BBA, B.Com, B.Tech और B.Voc के 1.5 लाख छात्र इस कोर्स के तहत वास्तविक व्यवसाय शुरू करेंगे.

Date Updated Last Updated : 09 October 2025, 09:27 PM IST
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Courtesy: aap

पंजाब में एक नई सुबह का आगाज हो चुका है. आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की जोड़ी ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाया है. उनकी यह पहल न केवल पंजाब के युवाओं को सशक्त बनाएगी, बल्कि उन्हें नौकरी खोजने वालों से नौकरी देने वालों में बदल देगी.

EMC कोर्स को किया अनिवार्य

पंजाब सरकार ने देश में पहली बार “एंटरप्रेन्योरशिप माइंडसेट कोर्स (EMC)” को अनिवार्य किया है. शैक्षणिक सत्र 2025-26 से यह कोर्स 20 विश्वविद्यालयों, 320 ITI और 91 पॉलिटेक्निक संस्थानों में लागू हो चुका है. BBA, B.Com, B.Tech और B.Voc के 1.5 लाख छात्र इस कोर्स के तहत वास्तविक व्यवसाय शुरू करेंगे. 2028-29 तक यह संख्या 9 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है.

 व्यावहारिक शिक्षा का अनूठा मॉडल

यह कोर्स किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है. प्रत्येक छात्र को हर सेमेस्टर में व्यवसाय शुरू करके निर्धारित राजस्व लक्ष्य हासिल करना होगा. पहले सेमेस्टर में ₹10,000, दूसरे में ₹40,000, तीसरे में ₹80,000, चौथे में ₹1,60,000 और पांचवें सेमेस्टर तक AI और वित्तीय प्रबंधन के साथ ₹4,00,000 की कमाई का लक्ष्य है. ITI छात्रों के लिए पहले वर्ष ₹40,000 और दूसरे वर्ष ₹80,000 का लक्ष्य निर्धारित है.

तकनीकी सहायता और मेंटरशिप

सरकार ने मास्टर यूनियन के साथ साझेदारी की है, जो एक AI-संचालित बहुभाषी प्लेटफॉर्म (पंजाबी, हिंदी, अंग्रेजी) के माध्यम से छात्रों को योजना, डैशबोर्ड, मेंटरशिप और सहपाठी सहयोग प्रदान करता है. छात्र ई-कॉमर्स, कंटेंट क्रिएशन, फ्रीलांसिंग, प्रोफेशनल सर्विसेज और रिटेल जैसे क्षेत्रों में काम कर सकते हैं.

व्यापक समर्थन और उत्साह

केजरीवाल और मान के पंजाब दौरे में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जबरदस्त उत्साह देखा गया. अब तक 40 से अधिक ओरिएंटेशन सत्र हो चुके हैं, और छात्रों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक है. लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, चितकारा यूनिवर्सिटी और अन्य निजी संस्थानों ने भी इस पहल की सराहना की है.

आर्थिक प्रभाव और भविष्य

इस पहल से 2028-29 तक ₹78,600 करोड़ का राजस्व उत्पन्न होने का अनुमान है, जो पंजाब के GDP का 9% और राज्य बजट का 50% है. यह NEP 2020 के विजन को साकार करता है, जो डिग्री-केंद्रित शिक्षा से उद्यमिता-प्रधान शिक्षा की ओर बढ़ रहा है.

पंजाब मॉडल: देश के लिए प्रेरणा

पंजाब का यह मॉडल अब देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन रहा है. केजरीवाल और मान की जोड़ी ने साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और ईमानदार प्रयासों से क्रांति संभव है. यह पहल पंजाब के युवाओं को आत्मनिर्भर भारत का सच्चा प्रतीक बनाएगी.

 

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