'एक भी राशन कार्ड रद्द नहीं होने दूंगा', पंजाब की जनता से CM मान का वादा!

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह जनहितैषी होने का दावा तो करती है, लेकिन पंजाब में 8 लाख 2 हजार 493 राशन कार्ड रद्द करने की चाल चल रही है. इससे 32 लाख लोग मुफ्त राशन से वंचित हो जाएंगे.

Date Updated Last Updated : 24 August 2025, 01:04 PM IST
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Courtesy: Social Media

CM Bhagwant Singh Mann: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत 55 लाख पंजाबियों को मुफ्त अनाज से वंचित करने की योजना को पंजाब विरोधी कदम करार दिया. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 1 करोड़ 53 लाख राशन कार्डों में से 55 लाख लोगों का मुफ्त राशन बंद करने की साजिश रच रही है. जुलाई में 23 लाख लोगों का राशन पहले ही बंद हो चुका है, और अब 30 सितंबर से 32 लाख और लोगों का राशन रोकने की धमकी दी जा रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जनहितैषी होने का दावा तो करती है, लेकिन राशन कार्ड रद्द कर रही है. इससे 32 लाख लोग मुफ्त राशन से वंचित हो जाएंगे. उन्होंने इसे वोट चोरी के बाद राशन चोरी का हथकंडा बताया. मान ने कहा कि पंजाब, जिसने अनाज उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाया उसे विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है. 

राशन कार्ड रद्द करने के तर्क हास्यास्पद  

मुख्यमंत्री ने राशन कार्ड रद्द करने के पीछे बताए जा रहे वजह को हास्यास्पद बताया है. उन्होंने कहा कि चारपहिया वाहन, सरकारी नौकरी, थोड़ी जमीन या आय को आधार बनाकर कार्ड रद्द किए जा रहे हैं. अगर परिवार का एक सदस्य इन शर्तों में आता है, तो पूरे परिवार को सजा दी जा रही है. मान ने स्पष्ट किया कि जब तक मैं मुख्यमंत्री हूं, एक भी कार्ड रद्द नहीं होगा. मैं भाजपा नेताओं को चुनौती देता हूं कि वे अपनी सभाओं में इस 'उपलब्धि' का बखान करें. मुख्यमंत्री ने केंद्र की नीतियों पर तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ गरीबों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जाता है, दूसरी तरफ उसी को आधार बनाकर अन्य लाभ छीने जा रहे हैं. उन्होंने केंद्र से मुफ्त राशन की शर्तों पर पुनर्विचार की अपील की ताकि गरीब और कमजोर वर्ग को अधिकतम लाभ मिले. मान ने कहा कि पंजाब सरकार इस पक्षपातपूर्ण कदम का विरोध करेगी और इसके लिए छह महीने की समीक्षा अवधि मांगी है.

पंजाबियों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प  

मुख्यमंत्री ने पंजाबियों के साथ ऐसा व्यवहार करने से मना किया है. उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अपने अधिकारों के लिए केंद्र पर निर्भर नहीं हैं. मान ने दोहराया कि पंजाब सरकार किसी भी कीमत पर लोगों के हक नहीं छीने देगी. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के खराब शासन से पंजाब को नुकसान हुआ, लेकिन केंद्र को अपनी नीतियों में बदलाव करना होगा ताकि कोई पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे. पंजाब सरकार राज्य और इसके लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. 

नागरिकों की निजता पर सवाल  

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर नागरिकों का निजी डेटा इकट्ठा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी. पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि नागरिकों के अधिकार और निजता सुरक्षित रहें. भगवंत मान ने कहा कि पंजाब ने हमेशा देश की प्रगति में योगदान दिया है. केंद्र की गलत नीतियों के कारण 32 लाख लोग भूख से जूझें, यह स्वीकार नहीं किया जाएगा. पंजाब सरकार अपने लोगों के हक के लिए हर कदम पर लड़ेगी. 

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