गुवाहाटी में रचा इतिहास! साउथ अफ्रीका ने भारत को 408 रनों से हराकर 25 साल बाद किया क्लीन स्वीप

भारतीय क्रिकेट के लिए गुवाहाटी टेस्ट यादगार कम और चेतावनी अधिक बनकर सामने आया. साउथ अफ्रीका ने दूसरे टेस्ट में भारत को 408 रनों से करारी शिकस्त देकर न केवल मैच जीता, बल्कि सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप भी कर डाला.

Date Updated Last Updated : 26 November 2025, 01:44 PM IST
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गुवाहाटी: भारतीय क्रिकेट के लिए गुवाहाटी टेस्ट यादगार कम और चेतावनी अधिक बनकर सामने आया. साउथ अफ्रीका ने दूसरे टेस्ट में भारत को 408 रनों से करारी शिकस्त देकर न केवल मैच जीता, बल्कि सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप भी कर डाला. यह उपलब्धि खास इसलिए है क्योंकि प्रोटियाज ने भारत की धरती पर 25 वर्षों बाद सीरीज में मेज़बान टीम का सूपड़ा साफ किया है. इससे पहले साल 2000 में साउथ अफ्रीका ने भारतीय सरजमीं पर यह कारनामा किया था.

जैंसन ने झटके 6 विकेट

मैच की शुरुआत टेम्बा बवुमा के टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनने से हुई और यह फैसला पूरी तरह सही साबित हुआ. दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज़ों ने पहली पारी में अनुशासित और आक्रामक मिश्रण दिखाते हुए 489 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. सेनुरन मुथुसामी ने शानदार 109 रन बनाकर टीम को मज़बूत आधार दिया, जबकि मार्को जैंसन ने तेज़ तर्रार 93 रनों की पारी से भारतीय गेंदबाज़ों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया.

जवाब में भारतीय टीम 201 रन पर ढेर हो गई. घरेलू पिच पर उम्मीदों का बोझ उठाए भारतीय बल्लेबाज़ टिक नहीं पाए और प्रोटियाज गेंदबाज़ों के सामने घुटने टेक दिए. मार्को जैंसन ने घातक स्पेल डालते हुए 6 विकेट झटके और मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली.

दूसरी पारी में साउथ अफ्रीका ने जिम्मेदार बल्लेबाजी जारी रखते हुए 260 रन बनाकर पारी घोषित कर दी. इसके साथ ही भारत के सामने 549 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य खड़ा हो गया. इस पारी में भारत की ओर से रविंद्र जडेजा ने संघर्ष दिखाते हुए 4 विकेट लिए, लेकिन रन-चेज़ की राह आसान नहीं बन सकी.

ऐतिहासिक जीत में तब्दील

549 रन का पीछा करते हुए भारतीय टीम से ड्रॉ तक लड़ने की उम्मीद थी, परंतु दूसरी पारी में भी बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई. पूरी टीम महज 140 रनों पर सिमट गई और गुवाहाटी टेस्ट साउथ अफ्रीका की ऐतिहासिक जीत में तब्दील हो गया. साइमन हार्मर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट लेकर भारतीय पारी को समेट दिया.

इस हार के साथ भारतीय टीम को न सिर्फ सीरीज गंवानी पड़ी, बल्कि घर में टेस्ट क्रिकेट की प्रतिष्ठा पर भी सवाल खड़े हो गए. दूसरी ओर, प्रोटियाज के लिए यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली और एशियाई दौरों में उनकी नई मजबूती का संकेत देने वाली साबित हुई.

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