U19 World Cup में भारतीय युवा शेरों का 'विजय शंखनाद'! हेनिल के पंजे और कुंडू की पारी से अमेरिका पस्त

दक्षिण अफ्रीका में आयोजित आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 के पहले ही मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी बादशाहत साबित कर दी है.

Date Updated Last Updated : 15 January 2026, 08:27 PM IST
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नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका में आयोजित आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 के पहले ही मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी बादशाहत साबित कर दी है. पांच बार की डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने अमेरिका को 6 विकेट से करारी शिकस्त देकर टूर्नामेंट का धमाकेदार आगाज किया.

बारिश से प्रभावित इस मैच का फैसला डकवर्थ लुईस नियम के तहत हुआ, जहां भारतीय गेंदबाजों के बाद बल्लेबाजों ने भी संयम का परिचय दिया.

हेनिल पटेल के पंच ने उड़ाई अमेरिका की गिल्लियां

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे का फैसला बिल्कुल सटीक रहा. भारतीय तेज गेंदबाज हेनिल पटेल ने अपनी आग उगलती गेंदों से अमेरिकी बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी. हेनिल ने मात्र 7 ओवर में 16 रन देकर 5 विकेट चटकाए. उनकी घातक गेंदबाजी का आलम यह था कि अमेरिका के सात बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके और तीन तो खाता खोले बिना ही पवेलियन लौट गए. अमेरिका की पूरी टीम 35.2 ओवर में महज 107 रनों पर ढेर हो गई.

झटकों के बाद अभिज्ञान कुंडू ने संभाली कमान

108 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत किसी डरावने सपने जैसी रही. तूफानी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (2) सस्ते में आउट हो गए और महज 25 रन तक पहुंचते-पहुंचते भारत ने अपने 3 मुख्य विकेट गंवा दिए थे. अमेरिका के गेंदबाजों ने कम स्कोर के बावजूद मैच में रोमांच पैदा कर दिया था.

अभिज्ञान कुंडू ने संकटमोचक की भूमिका निभाई

ऐसे नाजुक मोड़ पर अभिज्ञान कुंडू ने संकटमोचक की भूमिका निभाई. उन्होंने 42 रनों की जुझारू पारी खेलकर न केवल दबाव कम किया, बल्कि भारत की जीत सुनिश्चित कर दी. जब भारतीय पारी चल रही थी, तभी तेज बारिश ने खलल डाला जिसके बाद मैच को बीच में रोकना पड़ा. डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर भारत को 6 विकेट से विजेता घोषित किया गया.

गेंदबाजी यूनिट का सामूहिक प्रदर्शन

हेनिल पटेल के अलावा भारतीय गेंदबाजी में विविधता देखने को मिली. दीपेश देवेंद्रन, आरएस अंब्रिश, वैभव सूर्यवंशी और खिलन पटेल ने भी एक-एक सफलता हासिल की. अमेरिकी टीम की ओर से केवल नीतीश सुदिनी (36) ही कुछ संघर्ष कर सके, लेकिन वह भी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक नहीं पहुंचा पाए.

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