'केरल में टारगेट नहीं पूरा करने पर एम्पलाई को बनाया कुत्ता', सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि खराब प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को जंजीरों में बांध कर कुत्तों की तरह घुटने पर चलने के लिए मजबूर किया गया. हालांकि पुलिस ने इसे भ्रामक बताया है. 

Date Updated Last Updated : 06 April 2025, 12:56 PM IST
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Courtesy: Social Media

Kerala Viral Video: केरल के कोच्चि से एक अजीब वीडियो सामने आया है. जिसमें किसी कंपनी के मालिक की क्रूरता का दावा किया जा रहा है. वीडियो को लेकर लोगों का कहना है कि खराब प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को जंजीरों में बांध कर कुत्तों की तरह घुटने पर चलने के लिए मजबूर किया गया. हालांकि पुलिस ने इसे भ्रामक बताया है. 

वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को उसके गले में पट्टा बांधकर कुत्ते की तरह घुटनों के बल चलने के लिए मजबूर किया गया, इस वीडियो को लगभग चार महीने पहले शूट किया गया था. उक्त प्रबंधक अब कंपनी छोड़ चुका है. 

मामले की जांच शुरू 

वीडियो वायरल होने के बाद राज्य श्रम विभाग ने कथित अमानवीय कार्यस्थल उत्पीड़न की जांच के आदेश दिए और मामले की रिपोर्ट मांगी. पुलिस ने वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें घटना के लिए पूर्व प्रबंधक को दोषी ठहराया गया है. कुछ लोगों ने एक स्थानीय टीवी चैनल को बताया कि जो लोग लक्ष्य हासिल करने में विफल रहते हैं, उन्हें प्रबंधन द्वारा इस तरह की सजा दी जाती है.

पुलिस के अनुसार, यह घटना कथित तौर पर कलूर में संचालित एक निजी मार्केटिंग फर्म में हुई और कथित तौर पर अपराध पास के पेरुंबवूर में हुआ. हालांकि जिस व्यक्ति को कथित तौर पर परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा है, उसने बाद में मीडिया को बताया कि फर्म में कार्यस्थल पर कोई उत्पीड़न नहीं हुआ, जो फुटेज में दिखाए गए चित्रण के विपरीत है.

कंपनी को बदनाम करने की कोशिश 

व्यक्ति का कहना है कि मैं अभी भी फर्म में काम कर रहा हूं. ये दृश्य कुछ महीने पहले के हैं और एक व्यक्ति द्वारा जबरदस्ती लिए गए थे, जो उस समय संस्थान के प्रबंधक के रूप में काम कर रहा था. बाद में उसे प्रबंधन द्वारा नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया और वह अब फर्म के मालिक को बदनाम करने के लिए इन दृश्यों का उपयोग कर रहा है. उन्होंने कथित तौर पर पुलिस और श्रम विभाग के अधिकारियों को भी यही बयान दिया.

राज्य के श्रम मंत्री वी शिवनकुट्टी ने इन दृश्यों को चौंकाने वाला और परेशान करने वाला बताया और कहा कि केरल जैसे राज्य में इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने मीडिया से कहा कि मैंने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और जिला श्रम अधिकारी को जांच के बाद घटना के संबंध में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. राज्य मानवाधिकार आयोग ने उच्च न्यायालय के वकील कुलथूर जयसिंह की शिकायत के आधार पर घटना में मामला दर्ज किया गया है.

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