महाराष्ट्र के इस विधानसभा का नाम लेते ही हंसी नहीं रोक पाएंगे आप, जानिए क्या है इसका इतिहास

Maharashtra News: पुणे जिले की एक विधानसभा सीट का नाम सुनकर लोग अक्सर शर्माते हैं. इसे ऐतिहासिक रूप से भोजपुर कहा जाता है. इसका इतिहास गौतम बुद्ध के युग से जुड़ा है और यहां कई प्राचीन दर्शनीय स्थल हैं. आज, यह पिंपरी-चिंचवाड़ का एक प्रमुख क्षेत्र है, खासकर कुश्ती के लिए, जहां कई खेल केंद्र चैंपियन तैयार कर रहे हैं.

Date Updated Last Updated : 23 October 2024, 04:19 PM IST
फॉलो करें:
Courtesy: Social Media

Maharashtra News: महाराष्ट्र के पुणे जिले में एक विधानसभा सीट है, जिसका नाम सुनकर कई लोग शर्माते हैं. इसका नाम लेते ही लोग शर्म से पानी-पानी हो जाते है. कई बार तो इसका गांव का नाम लेने से पहले लोगों से माफी भी मांग लेते है. इस गांव का नाम सुनते ही आप अपनी हँसी नहीं रोक पाएंगे.

क्या है इस गांव की कहानी?

दरअसल, यह सीट भोसरी विधानसभा है. भोसरी विधानसभा क्षेत्र, महाराष्ट्र विधानसभा के 288 निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है और पुणे के उपनगर में स्थित है. इसे ऐतिहासिक रूप से भोजपुर के नाम से भी जाना जाता है.

इस तरह के कई स्थान हैं, जिनके नाम सुनकर लोग या तो हंस पड़ते हैं या गुस्से में आ जाते हैं. झारखंड में भी कुछ अजीब गांवों के नाम हैं, जैसे भैंसियां, बिल्ली, और चुतिया. ऐसे कई अन्य राज्य भी हैं, जहां के गांवों के नाम कुछ अनोखे हैं.

अनोखा है इसका इतिहास

भोसरी का इतिहास गौतम बुद्ध के युग से जुड़ा हुआ है. यह स्थान समुद्र तल से 530 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और यहां की जलवायु साल भर स्वास्थ्यप्रद रहती है. पुरातत्वविदों द्वारा यहां की खुदाई में 2000 साल पुराना 'कलाकार मंदिर' और 'कलाकार महल' जैसे दर्शनीय स्थल मिले हैं. राजा भोज ने यहां कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए थे.

खुदाई के दौरान कई कलाकृतियां, जैसे बर्तन और उपकरण भी मिले, जो 200 ईस्वी पूर्व के हैं. आज के समय में, भोसरी पिंपरी-चिंचवाड़ का एक भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है, खासकर कुश्ती के लिए, जहां कई खेल केंद्र राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चैंपियन तैयार कर रहे हैं.

सम्बंधित खबर