दिल्ली ब्लास्ट के बाद फिर चर्चा में आया आतंकी हाफिज सईद, क्या फिर से सक्रिय हो रहा है लश्कर का सरगना?

दिल्ली के लालकिले के पास हुए कार ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा एक बार फिर चर्चा में है. इस ब्लास्ट से ठीक एक दिन पहले लश्कर के एक कमांडर सैफुल्लाह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह संगठन के संस्थापक हाफिज सईद के “अब चुप न बैठने” की बात कह रहा था.

Date Updated Last Updated : 11 November 2025, 01:53 PM IST
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Hafiz Saeed: दिल्ली के लालकिले के पास हुए कार ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा एक बार फिर चर्चा में है. इस ब्लास्ट से ठीक एक दिन पहले लश्कर के एक कमांडर सैफुल्लाह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह संगठन के संस्थापक हाफिज सईद के “अब चुप न बैठने” की बात कह रहा था. भले ही जांच एजेंसियों को अब तक दिल्ली ब्लास्ट में लश्कर का कोई सीधा सबूत नहीं मिला है, लेकिन इस वीडियो ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है.

कई आतंकी वारदातों को दे रहे अंजाम

लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना साल 1987 में पाकिस्तान में हुई थी. यह आतंकी संगठन भारत में कई बड़े हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है. इनमें 26/11 मुंबई आतंकी हमला सबसे भयावह था, जिसमें 166 लोगों की मौत हुई थी और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इसके अलावा लश्कर पर जैश-ए-मोहम्मद और द रेजिडेंट फ्रंट जैसे संगठनों के साथ मिलकर कई आतंकी वारदातों को अंजाम देने का आरोप है. साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, इस समय लश्कर के करीब 5000 आतंकी सक्रिय हैं, जिनकी ट्रेनिंग पाकिस्तान के विभिन्न ठिकानों पर होती है.

साल 2025 के मई महीने में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत लश्कर के कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की थी. इस ऑपरेशन में लश्कर को भारी नुकसान हुआ था, खासकर उसके मुरीदके स्थित मुख्यालय और मस्जिद को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया था. इसी दौरान से संगठन का मुखिया हाफिज सईद भूमिगत बताया जा रहा है.

हाफिज सईद की एक रैली आयोजित

बताया जाता है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही हाफिज सईद अंडरग्राउंड है. उसके बेटे तल्हा सईद ने एक बयान में कहा था कि “भारत की सेना मेरे पिता को मारने के लिए ढूंढ रही है, लेकिन हमने उन्हें ऐसी सुरक्षित जगह पर रखा है, जहां कोई पहुंच नहीं सकता.”

30 जून को हाफिज सईद का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह बीमार हालत में नजर आ रहा था. इसके बाद पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने इंटरव्यू में कहा था कि “संभव है हाफिज सईद अफगानिस्तान में छिपा हो, और अगर भारत चाहे तो पाकिस्तान उसे खोजने में सहयोग करेगा.” वहीं, 2 नवंबर को लाहौर में हाफिज सईद की एक रैली आयोजित होने वाली थी, जिसे आखिरी वक्त में सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया. हालांकि आयोजकों ने दावा किया था कि रैली जल्द ही दोबारा की जाएगी.

कुल मिलाकर, इन सभी घटनाओं से यह संकेत मिल रहा है कि आतंकी हाफिज सईद एक बार फिर लाहौर के आसपास सक्रिय हो सकता है और लश्कर-ए-तैयबा फिर से अपनी गतिविधियों को तेज करने की कोशिश में है.

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