अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास को दी गई जल समाधि, अंतिम यात्रा के लिए उमड़ा हुजूम

सत्येंद्र दास के निधन ने न केवल अयोध्या, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देशभर में धार्मिक समुदायों को गहरे शोक में डुबो दिया. वे राम मंदिर निर्माण के अहम कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे और उनकी पुजारी के रूप में अहम भूमिका थी. श्रद्धालुओं का कहना था कि सत्येंद्र दास ने राम मंदिर के पूजा और धार्मिक आयोजनों को नई दिशा दी थी. उनकी शांतिपूर्ण और समर्पित सेवा को सभी ने सराहा था.

Date Updated Last Updated : 13 February 2025, 05:02 PM IST
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Courtesy: social media

Last Journey of Acharya Satyendra Das: उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर में राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास का निधन हो गया. उनके निधन से अयोध्या में एक गहरा शोक लहर गया है, और उनकी अंतिम यात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल हुए. यह यात्रा शहर की प्रमुख सड़कों से होते हुए राम जन्मभूमि तक पहुंची, जहां लाखों भक्तों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. उनके निधन के बाद, राम मंदिर में उनके द्वारा किए गए योगदान और उनकी धार्मिक सेवाओं को लेकर भक्तों में भारी भावनाएं उमड़ीं. 

धार्मिक नेता के निधन का असर

सत्येंद्र दास के निधन ने न केवल अयोध्या, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देशभर में धार्मिक समुदायों को गहरे शोक में डुबो दिया. वे राम मंदिर निर्माण के अहम कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे और उनकी पुजारी के रूप में अहम भूमिका थी. श्रद्धालुओं का कहना था कि सत्येंद्र दास ने राम मंदिर के पूजा और धार्मिक आयोजनों को नई दिशा दी थी. उनकी शांतिपूर्ण और समर्पित सेवा को सभी ने सराहा था.

अंतिम यात्रा का दृश्य

राम मंदिर के मुख्य पुजारी की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए न केवल अयोध्या से, बल्कि अन्य शहरों से भी लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे. यात्रा के दौरान श्रद्धालु धार्मिक गीतों और भजनों के साथ उनके अंतिम दर्शन करने पहुंचे. यात्रा के मार्ग में लोगों ने पुष्प वर्षा की और श्रद्धा से उनके पवित्र कार्यों को याद किया. 

मुख्य पुजारी के योगदान की सराहना

सत्येंद्र दास के योगदान को न केवल उनके भक्तों ने सराहा, बल्कि धार्मिक नेताओं और समाज के अन्य वर्गों ने भी उनकी सेवाओं को सम्मानित किया. उन्होंने राम मंदिर के निर्माण कार्य में एक सशक्त भूमिका निभाई थी और अयोध्या में धार्मिकता को एक नई पहचान दिलाई थी. उनके साथ बिताए गए समय को भक्त हमेशा याद करेंगे.

भक्तों की श्रद्धांजलि

अयोध्या के प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही. राम मंदिर के पास स्थित उनके निवास स्थान पर भी लोग जुटे और अपनी श्रद्धा अर्पित की. "सत्येंद्र दास जी की आत्मा को शांति मिले, उन्होंने राम मंदिर की सेवा में जो योगदान दिया, वह हमेशा याद रहेगा," एक भक्त ने कहा. त्येंद्र दास का निधन अयोध्या के धार्मिक परिप्रेक्ष्य में एक गहरी छाप छोड़ गया है. उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां हमेशा याद रखेंगी, और उनके द्वारा किए गए कार्यों से राम मंदिर की आस्था को और मजबूती मिलेगी.

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