महाकुंभ: ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर पद से हटाया, किन्नर अखाड़े से निष्कासित

प्रयागराज में एक बड़ी राजनीतिक और धार्मिक हलचल सामने आई है, जहां अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से हटा दिया गया है. उन्हें हाल ही में किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया था, लेकिन इस निर्णय का विरोध तेज हो गया था. इस विरोध के बाद अब ममता कुलकर्णी को पद से हटा दिया गया है और उन्हें किन्नर अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है.  

Date Updated Last Updated : 31 January 2025, 04:44 PM IST
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Courtesy: social media

MahaKumbha : प्रयागराज में एक बड़ी राजनीतिक और धार्मिक हलचल सामने आई है, जहां अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से हटा दिया गया है. उन्हें हाल ही में किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर नियुक्त किया गया था, लेकिन इस निर्णय का विरोध तेज हो गया था. इस विरोध के बाद अब ममता कुलकर्णी को पद से हटा दिया गया है और उन्हें किन्नर अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है.  

महामंडलेश्वर पद पर नियुक्ति और विवाद

 कुछ दिन पहले ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया था. यह नियुक्ति इसलिए चर्चा में आई थी क्योंकि ममता कुलकर्णी एक फिल्म अभिनेत्री रही हैं, और उनका नाम लंबे समय तक बॉलीवुड से जुड़ा रहा है. उनकी इस नियुक्ति पर कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई थी. उनका कहना था कि यह पद एक धार्मिक सम्मान है, और इसका प्रतिष्ठा से जुड़ा गहरा संबंध है, इसलिए किसी फिल्म अभिनेत्री को यह पद नहीं सौंपा जाना चाहिए.  

संन्यास की दीक्षा और महाकुंभ  

महाकुंभ के दौरान ममता कुलकर्णी ने संन्यास की दीक्षा ली थी, जिसे लेकर भी विवाद हुआ था. किन्नर अखाड़े में उनका प्रवेश और वहां दीक्षा लेना एक बड़ा कदम था, जो पूरे महाकुंभ में चर्चा का विषय बना. हालांकि, यह दीक्षा और अखाड़े में उनका स्थान कुछ समय बाद विवादों का कारण बन गया, जिससे अखाड़ा प्रमुख और अन्य धार्मिक नेताओं ने इस पर पुनः विचार किया.  

किन्नर अखाड़े से निष्कासन

ममता कुलकर्णी की इस विवादास्पद नियुक्ति के बाद अब किन्नर अखाड़े से उनका निष्कासन भी कर दिया गया है. अखाड़े के अन्य प्रमुखों और संतों ने यह निर्णय लिया है कि ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर पद से हटा दिया जाए, क्योंकि उनकी पृष्ठभूमि और विवादों की वजह से धार्मिक परंपराओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है.  

समाज में यह क्या संकेत देता है?

यह घटनाक्रम एक बड़ा संदेश देता है कि समाज में धार्मिक परंपराओं और पदों का चयन बहुत सोच-समझकर किया जाना चाहिए. किन्नर अखाड़े जैसे पवित्र स्थानों पर कोई भी व्यक्ति नियुक्ति के लिए योग्य होना चाहिए, और उनके बारे में समाज में अच्छे विचार होने चाहिए.  

ममता कुलकर्णी का महामंडलेश्वर पद से हटाया जाना और किन्नर अखाड़े से निष्कासन महाकुंभ के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मोड़ है. यह घटना धार्मिक परंपराओं और उनके अनुपालन के महत्व को दर्शाती है, जो समाज में व्यापक रूप से चर्चित हो रही है.  

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