'सरकार अब रिफॉर्म एक्सप्रेस मोड में', NDA सांसदों के साथ मीटिंग में बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री ने पार्टी सांसदों से कहा कि सरकार के सारे सुधार नागरिक-केंद्रित हैं. इनका लक्ष्य किसी आर्थिक या रेवेन्यू टारगेट को हासिल करना नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की दिक्कतें दूर करना है ताकि वे अपनी क्षमता के मुताबिक आगे बढ़ सकें.

Date Updated Last Updated : 09 December 2025, 03:07 PM IST
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Courtesy: X (@JManavadar)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को NDA पार्लियामेंट्री मीटिंग की अध्यक्षता की. इस दौरान उन्होंने बिहार विधानसभा चुनावों में गठबंधन की जीत पर नेताओं को बधाई दी और साफ कहा कि देश अब रिफॉर्म एक्सप्रेस के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है.

प्रधानमंत्री ने पार्टी सांसदों से कहा कि सरकार के सारे सुधार नागरिक-केंद्रित हैं. इनका लक्ष्य किसी आर्थिक या रेवेन्यू टारगेट को हासिल करना नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की दिक्कतें दूर करना है ताकि वे अपनी क्षमता के मुताबिक आगे बढ़ सकें.

पीएम मोदी ने उठाए सवाल 

PM मोदी ने NDA सांसदों से आग्रह किया कि वे ज़मीनी स्तर पर लोगों की असली समस्याएं सरकार के साथ सक्रिय रूप से साझा करें. उन्होंने कहा कि जनता की परेशानियों को समझकर ही हम रिफॉर्म एक्सप्रेस को हर घर तक पहुंचा सकते हैं. प्रधानमंत्री का मानना है कि जनता के वास्तविक अनुभवों और बाधाओं को जानकर नीति निर्माण और भी प्रभावी होगा.

प्रधानमंत्री मोदी ने लंबी कागजी प्रक्रियाओं और भारी-भरकम फॉर्म पर सख्ती से सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देश में लंबे फॉर्म और बार-बार कागज़ जमा करवाने की पुरानी व्यवस्था अब खत्म की जाएगी. उन्होंने कहा कि हम नागरिकों के दरवाज़े तक सेवाएं पहुंचाना चाहते हैं. एक ही जानकारी बार-बार देने की ज़रूरत खत्म करेंगे. मोदी ने याद दिलाया कि सरकार ने 10 साल पहले सेल्फ-सर्टिफिकेशन की व्यवस्था लागू कर नागरिकों पर भरोसा दिखाया था, और यह बिना किसी बड़े दुरुपयोग के सफलतापूर्वक चल रही है.

फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी जारी

PM मोदी ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के जीवन में सरलता लाना और बिज़नेस माहौल को बेहतर बनाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि सुधारों का उद्देश्य जनता को केंद्र में रखकर एक ऐसा सिस्टम बनाना है जो तेज़, सरल और भरोसेमंद हो. मीटिंग के बीच प्रधानमंत्री ने यह भी माना कि इंडिगो एयरलाइन का चल रहा ऑपरेशनल संकट चिंता का विषय है.

एयरलाइन में लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी जारी है, जिससे यात्री परेशान हैं. मंगलवार को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु एयरपोर्ट पर कई फ्लाइटें रद्द कर दी गईं. स्थिति लगातार बिगड़ने के बाद सरकार भी सक्रिय हो गई है. संकट बढ़ने पर DGCA ने इंडिगो से अपनी उड़ानों की संख्या 5 प्रतिशत तक कम करने को कहा है. इसके साथ ही एयरलाइन से सोमवार शाम 5 बजे तक संशोधित शेड्यूल जमा कराने को कहा गया है. इसके अलावा, DGCA और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मंगलवार को इंडिगो के CEO पीटर एल्बर से मुलाकात कर हालात की समीक्षा करेंगे.

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