'2014 के बाद पहली बार संसद सत्र से पहले कोई विदेशी हस्तक्षेप नहीं...,' बजट सत्र से पहले PM मोदी की विपक्ष पर चुटकी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र की शुरुआत से पहले विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि 2014 के बाद पहली बार संसद सत्र से पहले किसी भी विदेशी ताकत ने गड़बड़ी करने की कोशिश नहीं की. संसद परिसर में पार्टी सांसदों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि हर बार सत्र से पहले कुछ तत्व जानबूझकर शरारत करते हैं और यह प्रवृत्ति वह 2014 से देख रहे हैं, जब केंद्र में बीजेपी सत्ता में आई थी.

Date Updated Last Updated : 31 January 2025, 02:01 PM IST
फॉलो करें:

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र की शुरुआत से पहले विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि 2014 के बाद पहली बार संसद सत्र से पहले किसी भी विदेशी ताकत ने गड़बड़ी करने की कोशिश नहीं की. संसद परिसर में पार्टी सांसदों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि हर बार सत्र से पहले कुछ तत्व जानबूझकर शरारत करते हैं और यह प्रवृत्ति वह 2014 से देख रहे हैं, जब केंद्र में बीजेपी सत्ता में आई थी.

हिंडनबर्ग विवाद पर राजनीति

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के बाद यह पहला संसद सत्र है, जब हमारे मामलों में किसी विदेशी चिंगारी ने आग लगाने की कोशिश नहीं की. हर बजट सत्र से पहले मैंने देखा कि लोग गड़बड़ी करने के लिए तैयार रहते हैं, और हमारे देश में कई लोग ऐसी चिंगारियों को भड़काने में कोई कसर नहीं छोड़ते. यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पिछले कुछ सत्रों में संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई थी, खासकर अमेरिका स्थित शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आधारहीन आरोपों के बाद. यह बयान तब आया है जब हिंडनबर्ग ने हाल ही में अपने ऑपरेशन्स को बंद करने की घोषणा की है.

मिशन मोड में आगे बढ़ रहा भारत

बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के साथ हुई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी और कल केंद्रीय बजट पेश करेंगी. पीएम मोदी ने कहा कि यह सत्र भारत के सर्वांगीण विकास और महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित होगा. हम मिशन मोड में आगे बढ़ रहे हैं. नवाचार, समावेश और निवेश हमारी आर्थिक गतिविधि का आधार हैं. इस संसद सत्र में कई ऐतिहासिक विधेयकों और संशोधनों पर चर्चा होगी.

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सत्र सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन की नीति पर केंद्रित होगा और सांसद विकसित भारत के मॉडल को मजबूत करने में योगदान देंगे. युवा सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक सुनहरा अवसर होगा. वे एक विकसित भारत के साक्षी बनेंगे. हमें लोगों की आशाओं और अपेक्षाओं पर खरा उतरना है.

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत एक युवा देश है और 20-25 आयु वर्ग के लोग 50 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते विकसित भारत का सबसे बड़ा लाभ उठाएंगे. वे नीतिगत निर्णयों के केंद्र में होंगे. 'विकसित भारत' के विजन को पूरा करने के हमारे प्रयास हमारी युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ा तोहफा होंगे.

सम्बंधित खबर