‘2 बजे के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में होगा ब्लास्ट’, जांच में जुटी पुलिस, कोर्ट परिसर खाली

दिल्ली हाई कोर्ट को शुक्रवार सुबह एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर को दोपहर 2 बजे बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई. इस घटना ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया.

Date Updated Last Updated : 12 September 2025, 01:44 PM IST
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Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट को शुक्रवार सुबह एक धमकी भरा Email प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर को दोपहर 2 बजे बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई. इस घटना ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया. Email में "पवित्र शुक्रवार विस्फोटों के लिए पाकिस्तान-तमिलनाडु की साजिश" का दावा किया गया, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई शुरू हो गई. दिल्ली पुलिस ने एहतियाती कदम उठाते हुए कोर्ट परिसर को खाली करवाया और बम निरोधक दस्ते को तैनात किया.

धमकी भरे Email का विवरण

सुबह 10:41 बजे दिल्ली हाई कोर्ट के महापंजीयक अरुण भारद्वाज को प्राप्त इस Email में एक मोबाइल नंबर और कथित आईईडी डिवाइस का जिक्र किया गया. Email में दावा किया गया कि एक व्यक्ति ने पाकिस्तान की आईएसआई के साथ मिलकर 1998 के पटना धमाकों जैसे हमले की साजिश रची है.

इसमें राजनीतिक नेताओं और RSS के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी शामिल थीं. Email में सत्यभामा सेंगोट्टायन नामक व्यक्ति का उल्लेख किया गया और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के पुत्र इनबानिधि को तेजाब से जलाने की धमकी दी गई. 

सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई

धमकी भरे Email के बाद कोर्ट में सुनवाई तत्काल स्थगित कर दी गई. जजों ने अपनी अदालतें छोड़ दीं, और सभी मामलों में नई तारीखें दी गईं. दिल्ली पुलिस की साइबर सेल इस Email के स्रोत और इसके पीछे शामिल लोगों की जांच में जुटी है. बम निरोधक दस्ते ने कोर्ट परिसर की गहन तलाशी शुरू कर दी है. प्रशासन ने किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया.

Email में राजनीतिक आरोप

Email में राजनीतिक दलों पर वंशवादी राजनीति और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया. इसमें दावा किया गया कि धर्मनिरपेक्ष पार्टियां BJP और RSS के खिलाफ लड़ाई में भ्रष्टाचार पर निर्भर हैं. साथ ही, राहुल गांधी और उदयनिधि स्टालिन जैसे नेताओं का जिक्र करते हुए उनकी सत्ता में रुचि पर सवाल उठाए गए. दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं. कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और साइबर विशेषज्ञ इस धमकी के पीछे की साजिश का पता लगाने में जुटे हैं. 

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