Chattisgarh liquor scam: बर्थडे पर बढ़ी भूपेश बघेल के बेटे की मुश्किलें, भिलाई में ED की बड़ी कार्रवाई

ED की टीम सुबह करीब 6:30 बजे तीन गाड़ियों के साथ चैतन्य के घर पहुंची और CRPF के सुरक्षा घेरे में तलाशी शुरू की. सूत्रों के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग के ठोस सबूत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया. इस कार्रवाई ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मचा दी है.

Date Updated Last Updated : 18 July 2025, 02:23 PM IST
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Chattisgarh liquor scam: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह भिलाई स्थित उनके निवास से गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई. ED की टीम सुबह करीब 6:30 बजे तीन गाड़ियों के साथ चैतन्य के घर पहुंची और CRPF के सुरक्षा घेरे में तलाशी शुरू की. सूत्रों के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग के ठोस सबूत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया. 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध

जैसे ही ED की छापेमारी की खबर फैली, बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भूपेश बघेल के निवास पर जमा हो गए. कार्यकर्ताओं ने ED की गाड़ियों को रोकने की कोशिश की और नारेबाजी की. स्थानीय मीडिया के अनुसार, कुछ स्थानों पर गाड़ियों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आईं. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा. इस दौरान भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा, "आज मेरे बेटे का जन्मदिन है, और केंद्र सरकार ने 'उपहार' भेजा है."

शराब घोटाले का राजनीतिक विवाद

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा था. भूपेश बघेल, जो सत्र में हिस्सा लेने रायपुर गए थे, ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया. ED का दावा है कि 2019 से 2022 के बीच शराब घोटाले में 3,200 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ. चैतन्य बघेल का कोई सक्रिय राजनीतिक रोल नहीं है, लेकिन ED का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े संदिग्ध लेन-देन की कड़ियां उनसे मिलती हैं. जांच अभी जारी है.

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