दुनिया के 20 देश जिनके पास है सबसे ज्यादा सोने के भंडार? अमेरिका से भारत तक की रैंकिंग जानिए 

सोने का भंडार किसी भी देश की आर्थिक स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. यह न केवल एक कीमती धातु है, बल्कि वैश्विक व्यापार और वित्तीय स्थिरता का भी अहम हिस्सा है. कई देशों ने सोने को अपनी मुद्रा की ताकत और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का एक साधन माना है. जानिए, दुनिया के वे 20 देश जिनके पास सबसे ज्यादा सोने के भंडार हैं और उनका क्या महत्व है.

Date Updated Last Updated : 20 February 2025, 04:59 PM IST
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Courtesy: social media

Gold Reserves: सोने का भंडार किसी भी देश की आर्थिक स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. यह न केवल एक कीमती धातु है, बल्कि वैश्विक व्यापार और वित्तीय स्थिरता का भी अहम हिस्सा है. कई देशों ने सोने को अपनी मुद्रा की ताकत और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का एक साधन माना है. जानिए, दुनिया के वे 20 देश जिनके पास सबसे ज्यादा सोने के भंडार हैं और उनका क्या महत्व है.

सोने का महत्व और इतिहास

सोने का उपयोग आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. 19वीं और 20वीं सदी की शुरुआत में, जब "गोल्ड स्टैंडर्ड" व्यवस्था लागू थी, तब देशों ने अपनी मुद्राओं को सोने के भंडार से जोड़ा था. इसका मतलब यह था कि जारी की गई मुद्रा का मूल्य सोने के बराबर होता था. हालांकि, 1970 के दशक में इस प्रणाली का अंत हुआ, लेकिन सोने का महत्व आज भी बरकरार है. विशेषकर आर्थिक संकट के समय में सोने का भंडार देशों को वित्तीय संकट से उबारने का काम करता है.

आधुनिक समय में सोने का महत्व

आज भी, जब किसी देश की अर्थव्यवस्था संकट में होती है, तो सोने का भंडार उसकी अंतरराष्ट्रीय साख को मजबूत करता है और वैश्विक वित्तीय लेन-देन को सहारा देता है. सोना अब एक सुरक्षित और स्थिर भंडार माना जाता है, खासकर आर्थिक अनिश्चितता के समय में. यह किसी भी देश के वित्तीय संकट को रोकने में मदद करता है.

दुनिया के 20 सबसे ज्यादा सोने के भंडार वाले देश

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की 2024 की दूसरी तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े सोने के भंडार वाले देशों की सूची में अमेरिका शीर्ष पर है. यहां उन देशों के नाम और उनके सोने का भंडार है:

1. अमेरिका: 8,133.46 टन  
2. जर्मनी: 3,351.53 टन  
3. इटली: 2,451.84 टन  
4. फ्रांस: 2,436.97 टन  
5. रूस: 2,335.85 टन  
6. चीन: 2,264.32 टन  
7. जापान: 845.97 टन  
8. भारत: 840.76 टन  
9. नीदरलैंड: 612.45 टन  
10. तुर्की: 584.93 टन  
11. पुर्तगाल: 382.66 टन  
12. पोलैंड: 377.37 टन  
13. उज्बेकिस्तान: 365.15 टन  
14. यूनाइटेड किंगडम: 310.29 टन  
15. कजाकिस्तान: 298.8 टन  
16. स्पेन: 281.58 टन  
17. ऑस्ट्रिया: 279.99 टन  
18. थाइलैंड: 234.52 टन  
19. सिंगापुर: 228.86 टन  
20. बेल्जियम: 227.4 टन  

दुनिया में कितना सोना उपलब्ध है?

अब तक दुनिया में लगभग 244,000 मीट्रिक टन सोना खोजा जा चुका है. इसमें से 187,000 मीट्रिक टन सोने का उत्पादन हो चुका है और 57,000 मीट्रिक टन सोना अभी भी भूमिगत भंडार में है. चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के पास सबसे ज्यादा सोने के भंडार पाए जाते हैं. 

सोने का भंडार क्यों महत्वपूर्ण होता है?

कई देशों के पास सोने का भंडार होने के प्रमुख कारण हैं:

1. आर्थिक स्थिरता: सोना एक विश्वसनीय भंडार है, जो देश की अर्थव्यवस्था को वित्तीय संकट से बचाने में मदद करता है.
2. मुद्रा का समर्थन: सोना ऐतिहासिक रूप से किसी देश की मुद्रा की स्थिरता को बनाए रखने में मदद करता है.
3. विश्वसनीयता: वैश्विक अनिश्चितताओं के समय में सोने का भंडार देशों के व्यापार और कर्ज लेन-देन के लिए एक मजबूत समर्थन प्रदान करता है.

सोने का भंडार किसी भी देश की आर्थिक ताकत और वैश्विक वित्तीय स्थिरता का प्रतीक है. आज भी, यह देश की साख को मजबूत करने और वित्तीय संकट से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसलिए, दुनिया के प्रमुख देशों के पास सोने का विशाल भंडार यह दर्शाता है कि ये देश अपने वित्तीय और आर्थिक भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए इस कीमती धातु का संरक्षण कर रहे हैं.

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