‘मृत्यु नहीं मोक्ष मिला’… महाकुंभ में मरने वालों पर बाबा बागेश्वर का विवादास्पद बयान

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ में मारे गए लोगों को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. शास्त्री ने कहा कि जो लोग गंगा के किनारे मरे हैं, उन्हें मृत्यु नहीं, बल्कि मोक्ष प्राप्त हुआ है. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और इसे लेकर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समूहों से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.  

Date Updated Last Updated : 31 January 2025, 05:46 PM IST
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Courtesy: social media

Baba Bageshwar’s controversial statement : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ में मारे गए लोगों को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. शास्त्री ने कहा कि जो लोग गंगा के किनारे मरे हैं, उन्हें मृत्यु नहीं, बल्कि मोक्ष प्राप्त हुआ है. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और इसे लेकर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समूहों से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.  

क्या था बयान? 

महाकुंभ के दौरान मची भगदड़ में कुछ श्रद्धालुओं की जान चली गई थी. इस घटना को लेकर जब बाबा बागेश्वर से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, "जो गंगा किनारे मरे हैं, उन्हें मोक्ष प्राप्त हुआ है, क्योंकि गंगा में स्नान करने से और गंगा के किनारे मरण से आत्मा को शांति मिलती है." उनका यह बयान धार्मिक दृष्टिकोण से एक सकारात्मक अर्थ में लिया जा सकता है, लेकिन इसे कई लोगों ने विवादास्पद और संवेदनशील माना है, खासकर उन परिवारों के लिए जिन्होंने इस घटना में अपनों को खो दिया है.  

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा है. कई यूजर्स इसे लेकर आलोचना कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे उनके धार्मिक दृष्टिकोण से जोड़कर देख रहे हैं. बयान के वायरल होते ही विभिन्न धार्मिक और राजनीतिक समूहों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. कुछ ने इसे उचित ठहराया, जबकि दूसरों ने इसे अपमानजनक और संवेदनहीन बताया है.  

भगदड़ और उसकी प्रतिक्रिया 

महाकुंभ के दौरान भगदड़ की घटना बेहद दुखद थी, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हुए थे और कुछ की जान भी चली गई. यह घटना तीर्थ स्थल पर होने वाली सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है. इसके बावजूद बाबा बागेश्वर का यह बयान विवादों के घेरे में आ गया है, क्योंकि उन्होंने इसे एक धार्मिक दृष्टिकोण से देखा, जबकि मृतकों के परिवारों के लिए यह वक्त बेहद दर्दनाक है.  

बाबा बागेश्वर का यह बयान एक धार्मिक दृष्टिकोण से लिया जा सकता है, लेकिन इसकी संवेदनशीलता और भावनात्मक प्रभाव को भी समझा जाना चाहिए. किसी भी हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संवेदनशीलता और सहानुभूति आवश्यक है, ताकि शोक संतप्त परिवारों के जज़्बातों का सम्मान किया जा सके. इस मामले पर और अधिक चर्चाएं होने की संभावना है, और यह देखना होगा कि इसका धार्मिक और सामाजिक प्रभाव क्या होता है. 

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