'इस्तीफा दे दूंगा', कुंभ पर संसद में बोले अखिलेश यादव, आखिर क्यों दिया यह बयान?

लोकसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार को महाकुंभ हादसे को लेकर घेर लिया. इस दौरान उन्होंने सरकार से कई गंभीर सवाल उठाए और अपनी स्थिति स्पष्ट की. अखिलेश यादव ने सरकार के महाकुंभ की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार उनके आरोपों को झूठा साबित कर देती है और यह बता देती है कि 100 करोड़ लोगों की व्यवस्था की बात नहीं की गई थी, तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं.

Date Updated Last Updated : 04 February 2025, 12:54 PM IST
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Courtesy: social media

Akhilesh Yadav said in Parliament : लोकसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार को महाकुंभ हादसे को लेकर घेर लिया. इस दौरान उन्होंने सरकार से कई गंभीर सवाल उठाए और अपनी स्थिति स्पष्ट की. अखिलेश यादव ने सरकार के महाकुंभ की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार उनके आरोपों को झूठा साबित कर देती है और यह बता देती है कि 100 करोड़ लोगों की व्यवस्था की बात नहीं की गई थी, तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं.

अखिलेश यादव का संसद में सरकार पर हमला

बजट सत्र के दौरान सपा प्रमुख ने महाकुंभ हादसे पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, "प्रचार किया गया था कि हमने 100 करोड़ की व्यवस्था की है, लेकिन अगर सरकार यह साबित कर दे कि ऐसा कुछ नहीं था, तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं." अखिलेश यादव ने सरकार से यह भी मांग की कि महाकुंभ में मारे गए लोगों के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं और उनके लिए संसद में दो मिनट का मौन रखा जाए. 

महाकुंभ हादसे के मृतकों के लिए दो मिनट का मौन

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि महाकुंभ हादसे में मारे गए लोगों के प्रति संसद में दो मिनट का मौन रखा जाए. उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद इस दौरान खड़े होकर मृतकों के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए ताकि इस मामले में सभी दलों की राय ली जा सके.

आंकड़ों को छुपाने का आरोप

सपा अध्यक्ष ने महाकुंभ में मारे गए लोगों के आंकड़ों को दबाने और छुपाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "सरकार को पहले मृतकों के आंकड़े जारी करने चाहिए थे, लेकिन बजट का आंकड़ा देने से पहले इन आंकड़ों को क्यों दबाया गया?" उनका आरोप था कि उत्तर प्रदेश सरकार ने घटनास्थल पर स्थिति को छुपाने की कोशिश की.

अखिलेश यादव की कड़ी आलोचना

अखिलेश यादव ने कहा कि महाकुंभ कोई पहली बार नहीं हो रहा था. यह आयोजन सदियों से हो रहा है, और फिर भी सरकार ने मृतकों की संख्या को स्वीकार नहीं किया. उन्होंने यह भी कहा कि जब लोग पुण्य कमाने आए थे, तो उनकी जान चली गई और सरकार ने इसका सही तरीके से जवाब नहीं दिया. "सरकार ने पहले तो मृतकों की संख्या को नकारा, लेकिन जब यह बात सामने आई तो सरकार ने केवल फूलों से श्रद्धांजलि अर्पित करने की कोशिश की."

मुख्यमंत्री की शोक संवेदना पर सवाल

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने शोक व्यक्त किया, तब 18 घंटे बाद मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया. "इससे साफ है कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं," उन्होंने कहा अखिलेश यादव का यह बयान महाकुंभ हादसे को लेकर यूपी सरकार पर एक गंभीर आरोप था.

उन्होंने न केवल मृतकों के आंकड़े को सार्वजनिक करने की मांग की, बल्कि सरकार के रवैये पर भी कड़ी आलोचना की. उनके इस बयान ने यूपी सरकार के लिए कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब देने में सरकार को अब कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.

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