हार्ट में ब्लड क्लॉट बनने का खतरा सावधान! जानें कारण, लक्षण और बचाव के उपाय

खून का थक्का जमना एक ऐसी स्थिति है, जिसमें खून गाढ़ा होकर थक्के के रूप में जम जाता है. यह समस्या आमतौर पर पैरों की नसों में देखी जाती है, लेकिन कुछ मामलों में यह दिल जैसे महत्वपूर्ण अंगों में भी हो सकती है.

Date Updated Last Updated : 01 September 2025, 06:54 PM IST
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Blood clot in heart: खून का थक्का जमना एक ऐसी स्थिति है, जिसमें खून गाढ़ा होकर थक्के के रूप में जम जाता है. यह समस्या आमतौर पर पैरों की नसों में देखी जाती है, लेकिन कुछ मामलों में यह दिल जैसे महत्वपूर्ण अंगों में भी हो सकती है. हार्ट में ब्लड क्लॉट बनने से हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.

हालांकि यह स्थिति दुर्लभ है, लेकिन इसके परिणाम जानलेवा हो सकते हैं. ब्लड क्लॉट खून के सामान्य प्रवाह को बाधित करता है, जिससे दिल तक ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है. आइए जानते हैं कि यह समस्या क्यों होती है और इसके लक्षण कैसे पहचाने जाएं.

ब्लड क्लॉट बनने के प्रमुख कारण

अस्वास्थ्यकर जीवनशैली और खानपान ब्लड क्लॉट के सबसे बड़े कारण हैं. ज्यादा तैलीय भोजन, जंक फूड और मीठे का सेवन कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है, जिससे नसों में वसा जमा होने लगती है. इससे खून का प्रवाह बाधित होता है और थक्के बनने की संभावना बढ़ जाती है.

धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन भी खून को गाढ़ा करता है. इसके अलावा, लंबे समय तक बैठे रहना या शारीरिक गतिविधि की कमी भी ब्लड सर्कुलेशन को धीमा कर देती है. मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं भी इस जोखिम को बढ़ाती हैं.

हार्ट में ब्लड क्लॉट के लक्षण

हार्ट में ब्लड क्लॉट होने पर शरीर कई संकेत देता है. सीने में दर्द, जलन या भारीपन इसके प्रमुख लक्षण हैं. सांस फूलना, थोड़े प्रयास में थकान, अनियमित धड़कन और ठंडा पसीना आना भी खतरनाक संकेत हो सकते हैं. कुछ मामलों में चक्कर आना या बेहोशी भी हो सकती है, क्योंकि ब्लड क्लॉट मस्तिष्क तक खून की आपूर्ति को प्रभावित करता है.

अगर पैरों में सूजन या दर्द हो, तो यह भी हार्ट की ओर बढ़ रहे क्लॉट का संकेत हो सकता है. इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें. स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी का सेवन और तनाव प्रबंधन से इस समस्या को रोका जा सकता है. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें. समय पर जांच और उपचार से हार्ट को स्वस्थ रखा जा सकता है.

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