यूएई का भारत के प्रति बढ़ता विश्वास! वीजा ऑन अराइवल के विस्तार से और मजबूत हुई साझेदारी

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा ऑन अराइवल नीति का विस्तार कर भारत के साथ अपनी रणनीतिक और सांस्कृतिक साझेदारी को और गहरा किया है. यूएई के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने इसे दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों का प्रतीक बताया.

Date Updated Last Updated : 30 June 2025, 06:19 PM IST
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India-UAE Relations: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भारतीय नागरिकों के लिए वीजा ऑन अराइवल नीति का विस्तार कर भारत के साथ अपनी रणनीतिक और सांस्कृतिक साझेदारी को और गहरा किया है. यूएई के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने इसे दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों का प्रतीक बताया.

इस नीति के तहत, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य और सिंगापुर में वैध निवास परमिट वाले भारतीय पासपोर्ट धारकों को यूएई के सभी प्रवेश बिंदुओं पर वीजा ऑन अराइवल की सुविधा मिलेगी. यह नई व्यवस्था 13 फरवरी से लागू हो चुकी है. 

पर्यटन और आर्थिक संबंधों में उछाल

भारत यूएई के पर्यटन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुका है. वर्ष 2023 में लगभग 45 लाख भारतीयों ने यूएई की यात्रा की, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला. राजदूत अलशाली ने कहा, “यह कदम परिवारों को जोड़ने, पेशेवर सहयोग को बढ़ाने और सीमाओं के पार व्यापार को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.”

भारत-यूएई सीईपीए परिषद की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर कनेक्टिविटी और सुगम वीजा प्रक्रियाओं ने दोनों देशों के बीच निवेश और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है.

ऐतिहासिक साझेदारी का नया अध्याय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2015 की यूएई यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला. यूएई दूतावास ने कहा, “यह नीति नागरिकों, निवेशकों, छात्रों और पेशेवरों के बीच गतिशील संबंधों को बढ़ावा देगी, जिससे दोनों देशों की साझेदारी हर स्तर पर और सशक्त होगी. यूएई और भारत के बीच यह कदम आपसी विश्वास और सहयोग का प्रतीक है. वीजा ऑन अराइवल नीति से सीमा पार आवागमन आसान होगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्ते और गहरे होंगे. 

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