डॉक्टर निकालने जा रहे थे दिल तभी ब्रेन डेड शख्स हो गया जिंदा, जानिए पूरी कहानी

Thomas Hoover: 36 वर्षीय व्यक्ति को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था, लेकिन सर्जरी के दौरान उसे अचानक होश आ गया. कोड़ा ने जांच जारी रहने तक अंगों को निकालने के किसी भी दबाव से इनकार किया. इस घटना के बाद लोग सदमे में हैं और इस मामले की जांच भी चल रही है.

Date Updated Last Updated : 20 October 2024, 08:13 PM IST
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Courtesy: Social Media

Thomas Hoover: दुनिया में हर दिन कुछ न कुछ अनोखा होता रहता है. ऐसी ही एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां 36 वर्षीय थॉमस टीजे हूवर II को अक्टूबर 2021 में ड्रग ओवरडोज के बाद केंटकी के बैपटिस्ट हेल्थ रिचमंड अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां डॉक्टर ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया.

पूर्व कर्मचारी ने दी जानकारी 

KODA की पूर्व कर्मचारी निकोलेटा मार्टिन ने बताया कि वह ऑपरेशन टेबल पर इधर-उधर घूम रहा था. उसने कहा कि यह सबसे बुरा सपना है, सर्जरी के दौरान जीवित रहना और यह जानना कि कोई आपको काटकर आपके अंग निकालने वाला है.

KODA की एक अन्य कार्यकर्ता नताशा मिलर ने कहा कि हूवर में जीवन के लक्षण थे जब उसे गहन चिकित्सा इकाई से ऑपरेशन रूम में ले जाया गया. वह इधर-उधर घूम रहा था और रो रहा था.

KODA की अधिकारी ने किया खुलासा 

हालांकि, KODA की अधिकारी जूली बर्गन ने कहा कि किसी पर भी जीवित व्यक्ति से अंग निकालने का दबाव नहीं डाला गया. बैपटिस्ट हेल्थ रिचमंड ने भी कहा कि रोगी की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है. इस बीच केंटकी अटॉर्नी जनरल और यूएस हेल्थ सर्विसेज रिसोर्सेज एडमिनिस्ट्रेशन इस मामले की जाँच कर रहे हैं. हूवर अब अपनी बहन डोना रोहर के साथ रह रहा है, जो उसकी कानूनी अभिभावक हैं. इस घटना के बाद से, हूवर को याद रखने, चलने और बोलने में कठिनाई हो रही है, जिससे उसके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा है.

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