‘हमारे देशों में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं’, शशि थरूर ने कोलोराडो हमले पर जताई चिंता

रविवार को कोलोराडो के बोल्डर में एक व्यक्ति ने डाउनटाउन कोर्टहाउस के पास हिंसक हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए. हमलावर की पहचान मोहम्मद सबरी सोलिमन के रूप में हुई है, जिसने मोलोटोव कॉकटेल और एक अस्थायी फ्लेमेथ्रोवर का इस्तेमाल किया.

Date Updated Last Updated : 02 June 2025, 12:35 PM IST
फॉलो करें:

Colorado terror attack: रविवार को कोलोराडो के बोल्डर में एक व्यक्ति ने डाउनटाउन कोर्टहाउस के पास हिंसक हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए. हमलावर की पहचान मोहम्मद सबरी सोलिमन के रूप में हुई है, जिसने मोलोटोव कॉकटेल और एक अस्थायी फ्लेमेथ्रोवर का इस्तेमाल किया.

हमले में 67 से 88 वर्ष की आयु के कम से कम छह लोग घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. FBI ने इसे आतंकवादी हमला बताया है और इसकी जांच शुरू कर दी है. FBI के उप निदेशक डैन बोंगिनो ने कहा कि शुरुआती सबूतों से पता चलता है कि हमला वैचारिक रूप से प्रेरित था.

शशि थरूर की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद शशि थरूर, जो वर्तमान में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के बारे में अन्य देशों को जागरूक करने के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, ने इस हमले पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “भारतीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने कोलोराडो के बोल्डर में हुए आतंकी हमले के बारे में चिंता के साथ सुना.

हमें राहत है कि इसमें किसी की जान नहीं गई. हम सभी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के विचार से सहमत हैं कि ‘हमारे देशों में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है.’” थरूर का प्रतिनिधिमंडल वर्तमान में ब्राजील में है और मंगलवार को संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा करेगा.

कैसे हुआ हमला?

बोल्डर पुलिस प्रमुख स्टीव रेडफर्न ने बताया कि दोपहर 1:26 बजे के आसपास एक हथियारबंद व्यक्ति द्वारा लोगों पर हमले की सूचना मिली थी. मौजूद लोगों के अनुसार, हमलावर फ्री फिलिस्तीन के नारे लगा रहा था. यह हमला 'रन फॉर देयर लाइव्स' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के पास हुआ, जो हमास द्वारा बंधक बनाए गए इजरायली बंधकों की रिहाई के लिए जागरूकता फैलाने वाला समूह है.

FBI निदेशक काश पटेल ने जांच की पुष्टि की और कहा कि स्थानीय कानून प्रवर्तन के साथ मिलकर इस मामले की गहन तहकीकात की जा रही है. यह घटना वैश्विक आतंकवाद के खतरे को फिर से उजागर करती है. भारत और अमेरिका जैसे देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं और इसे किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगे.

सम्बंधित खबर