‘रक्षा मजबूत हाथों में’, पाकिस्तान के दूसरे मिसाइल परीक्षण के बाद बोले शहबाज शरीफ

शरीफ ने कहा कि यह सफल प्रक्षेपण साबित करता है कि पाकिस्तान की सुरक्षा अभेद्य है. उन्होंने सेना की राष्ट्रीय रक्षा के लिए पूर्ण तैयारी पर संतोष जताया. पाकिस्तानी सेना ने ‘अभ्यास इंडस’ के तहत 120 किलोमीटर रेंज वाली सतह से सतह पर मार करने वाली फतह मिसाइल का परीक्षण किया.

Date Updated Last Updated : 05 May 2025, 04:33 PM IST
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Courtesy: Social Media

Pakistan Missile Test: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच अपनी सेना के दूसरे मिसाइल परीक्षण को सफल बताते हुए कहा कि देश की रक्षा 'मजबूत हाथों' में है.

शरीफ ने कहा कि यह सफल प्रक्षेपण साबित करता है कि पाकिस्तान की सुरक्षा अभेद्य है. उन्होंने सेना की राष्ट्रीय रक्षा के लिए पूर्ण तैयारी पर संतोष जताया. पाकिस्तानी सेना ने ‘अभ्यास इंडस’ के तहत 120 किलोमीटर रेंज वाली सतह से सतह पर मार करने वाली फतह मिसाइल का परीक्षण किया.

परीक्षण के बाद दूसरा प्रक्षेपण

सेना के बयान के अनुसार इस प्रक्षेपण का उद्देश्य सैनिकों की परिचालन तत्परता सुनिश्चित करना और मिसाइल की उन्नत नेविगेशन प्रणाली व सटीकता जैसे तकनीकी पहलुओं को जांचना था. यह 2 मई को 450 किलोमीटर रेंज वाली अब्दाली मिसाइल के परीक्षण के बाद दूसरा प्रक्षेपण है. भारत ने इस्लामाबाद के इन कदमों को उकसावे की कार्रवाई करार दिया.

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी 2019 के पुलवामा हमले के बाद सबसे घातक हमलों में से एक है. आतंकियों की करतूत ने 26 लोगों की जान ले ली. भारत ने इसके लिए पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूहों को जिम्मेदार ठहराया और कड़े कदम उठाए. इनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना, अटारी सीमा पार बंद करना, राजनयिक संबंध कम करना, और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल है. भारत ने 30 अप्रैल तक पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने और पाकिस्तानी उड़ानों के लिए हवाई क्षेत्र बंद करने का आदेश भी दिया.

भारत-पाकिस्तान के बिगड़े रिश्ते

पाकिस्तान ने भारत के साथ व्यापार निलंबित कर दिया. जिसमें तीसरे देशों के साथ व्यापार भी शामिल है और भारतीय एयरलाइनों को अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश से रोक दिया. पिछले 10 दिनों से पाकिस्तानी सेना नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के बाद से सैन्य और सरकारी अधिकारियों के साथ कई उच्च-स्तरीय बैठकें की हैं. उन्होंने सशस्त्र बलों को हमले के जवाब में समय, लक्ष्य और रणनीति तय करने की पूरी स्वतंत्रता दी है. भारत और पाकिस्तान के बीच यह तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बन गया है. 

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