भारत की एकता से प्रभावित हुए पुतिन, PM मोदी से मुलाकात की यादें की साझा

रूस के राष्ट्रपति पुतिन के भारत आगमन पर 4 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पालम एयरपोर्ट पहुंचे. दोनों नेताओं ने गले मिलकर एकदूसरे का अभिवादन किया और फिर 7, लोक कल्याण मार्ग पहुंचे, जहां PM मोदी ने अपने दोस्त पुतिन के लिए खास प्राइवेट डिनर होस्ट किया.

Date Updated Last Updated : 10 December 2025, 11:11 AM IST
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Courtesy: X (@YKumar_Lokesh)

भारत दौरे की यादें साझा करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देश की अनोखी अलग-अलग तरह की एकता की खुलकर तारीफ़ की. उन्होंने कहा कि भारत में करीब 1.5 बिलियन लोग रहते हैं, जिनमें से केवल 500–600 मिलियन लोग हिंदी बोलते हैं, जबकि बाकी लोग विभिन्न भाषाओं में बातचीत करते हैं.

पुतिन ने कहा कि अक्सर लोग एकदूसरे को समझ नहीं पाते, फिर भी देश की एकता बनी रहती है. ऐसी विविधता और एकता को बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है.

प्रेसिडेंट पुतिन का खुल कर स्वागत 

रूस के राष्ट्रपति पुतिन के भारत आगमन पर 4 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पालम एयरपोर्ट पहुंचे. दोनों नेताओं ने गले मिलकर एकदूसरे का अभिवादन किया और फिर 7, लोक कल्याण मार्ग पहुंचे, जहां PM मोदी ने अपने दोस्त पुतिन के लिए खास प्राइवेट डिनर होस्ट किया. जिसमें उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट पुतिन का भारत में स्वागत करते हुए बेहद खुशी हुई. आज और कल होने वाली बातचीत से भारतरूस के रिश्तों को और मजबूती मिलेगी. हमारी दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है.

पीएम मोदी ने भेंट किया खास तोहफा

दौरे के दौरान PM मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में लिखी भगवद गीता की एक प्रति भेंट की. यह तोहफ़ा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है. इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने शांति, स्थिरता और वैश्विक चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि भारत न्यूट्रल नहीं है, बल्कि हर तरह की शांति पहल का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन संकट शुरू होने के बाद से हम लगातार संपर्क में हैं. भरोसा बहुत बड़ी ताकत है, और मैं इस मसले पर आपसे कई बार बात कर चुका हूं. हमने इसका ज़िक्र अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी किया है.

मोदी ने यह भी जताया कि संवाद और कूटनीति ही आगे का रास्ता है और उम्मीद जताई कि रूस और यूक्रेन बातचीत से समाधान तक पहुंचेंगे. प्रधानमंत्री के संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रेसिडेंट पुतिन ने कहा कि रूस इस संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीक़े से समाप्त करने के लिए प्रयासरत है. दिल्ली पहुंचने पर पुतिन का औपचारिक स्वागत राष्ट्रपति भवन में किया गया, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद थे.

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