न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी की टीम में पाकिस्तानी मूल की लीना खान की एंट्री, आर्थिक नीतियों पर देंगी महत्वपूर्ण सलाह

न्यूयॉर्क सिटी के भारतीय मूल के नए मेयर जोहरान ममदानी अपनी प्रशासनिक टीम को मजबूत करने में जुट गए हैं. इसी क्रम में उन्होंने अमेरिकी राजनीति और टेक रेगुलेशन की दुनिया की एक प्रभावशाली हस्ती पाकिस्तानी मूल की लीना खान को अपनी ट्रांजिशन टीम में शामिल कर लिया है.

Date Updated Last Updated : 16 November 2025, 03:13 PM IST
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न्यूयॉर्क सिटी के भारतीय मूल के नए मेयर जोहरान ममदानी अपनी प्रशासनिक टीम को मजबूत करने में जुट गए हैं. इसी क्रम में उन्होंने अमेरिकी राजनीति और टेक रेगुलेशन की दुनिया की एक प्रभावशाली हस्ती पाकिस्तानी मूल की लीना खान को अपनी ट्रांजिशन टीम में शामिल कर लिया है. यह कदम न केवल शहर की भावी नीतियों के लिए अहम माना जा रहा है, बल्कि इससे न्यूयॉर्क के राजनीतिक गलियारों में भी नई चर्चा शुरू हो गई है.

कौन हैं लीना खान?

लीना खान मूल रूप से पाकिस्तानी परिवार से ताल्लुक रखती हैं, हालांकि जन्म ब्रिटेन में हुआ. वह करीब 11 वर्ष की उम्र में अमेरिका आ गईं और बाद में डेमोक्रेटिक राजनीति में सक्रिय रहीं. 2021 में वह अमेरिका की शक्तिशाली संघीय एजेंसी “फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC)” की चेयर बनीं, जहां उन्होंने 15 जून 2021 से 20 जनवरी 2025 तक सेवा दी. महज 32 वर्ष की उम्र में एफटीसी की कमान संभालकर वह इस एजेंसी की अब तक की सबसे युवा मुखिया बनीं.

FTC की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, खान ने अपने करियर की शुरुआत एंटी-ट्रस्ट सेक्टर में एक बिजनेस रिपोर्टर और रिसर्चर के तौर पर की. यहां उन्होंने विभिन्न उद्योगों में तेजी से बढ़ते कॉर्पोरेट एकीकरण और बाजार पर उनके प्रभाव का गहन अध्ययन किया. इसी अनुभव ने उन्हें बाद में एंटी-ट्रस्ट कानूनों को लेकर और अधिक assertive रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया.

ममदानी प्रशासन में क्या भूमिका निभाएँगी?

लीना खान वर्तमान में मेयर-इलेक्ट ममदानी को शहर की आर्थिक नीतियों, प्रशासनिक नियुक्तियों और उनके महत्वाकांक्षी “अफोर्डेबल न्यूयॉर्क” एजेंडा पर सलाह दे रही हैं. पॉड सेफ अमेरिका को दिए एक इंटरव्यू में लीना खान ने कहा कि वह यह समझने में जुटी हैं कि न्यूयॉर्क के मेयर के पास वास्तविक रूप से कितनी शक्तियां होती हैं ताकि 1 जनवरी 2026 को ममदानी के पद संभालने से पहले एक मजबूत नीति-ढांचा तैयार किया जा सके.

उन्होंने साफ कहा कि उनकी भूमिका केवल सुझाव देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि नई प्रशासनिक टीम शहर को अधिक किफायती, संतुलित और आर्थिक रूप से स्थिर बनाने के अपने एजेंडे को प्रभावी ढंग से लागू कर सके.

टेक दिग्गजों के खिलाफ लीना खान के सख्त कदम

FTC की चेयर रहते हुए लीना खान का कार्यकाल कई बड़े फैसलों और कानूनी संघर्षों के लिए जाना गया. उनके नेतृत्व में FTC ने Amazon, Meta Platforms और Microsoft जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के खिलाफ कई एंटी-ट्रस्ट कार्रवाइयाँ शुरू कीं. हालांकि सभी मामलों में सफलता नहीं मिली जैसे Microsoft के Activision-Blizzard अधिग्रहण को रोकने में एजेंसी नाकाम रही लेकिन खान के आक्रामक दृष्टिकोण ने उन्हें एक दृढ़ और निडर नियामक के रूप में स्थापित किया.

उन्होंने अमेरिकी ग्रॉसरी सेक्टर में Kroger और Albertsons के बीच प्रस्तावित विलय पर रोक लगाई तथा श्रमिकों को नौकरी बदलने से रोकने वाले नॉन-कम्पीट एग्रीमेंट्स के खिलाफ भी महत्वपूर्ण कदम उठाए.

वॉल स्ट्रीट और अरबपतियों से टकराव

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, खान की नीतियों से वॉल स्ट्रीट का एक बड़ा वर्ग नाराज था. कई हाई-प्रोफाइल अरबपतियों जैसे LinkedIn के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन, IAC चेयरमैन बैरी डिलर, निवेशक विनोद खोसला और पीटर थील ने उन पर आरोप लगाया कि वह अत्यधिक सख्ती दिखा रही हैं और अमेरिकी बिजनेस माहौल को नुकसान पहुंचा रही हैं.

फिर भी, उनके समर्थक मानते हैं कि लीना खान ने कॉर्पोरेट एकाधिकारवाद के खिलाफ एक स्पष्ट और साहसी लड़ाई लड़ी है, जो आने वाले वर्षों में अमेरिकी बाजार संरचना को प्रभावित करती रहेगी.

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