कामचटका में 8.8 तीव्रता का भूकंप, दुनिया के इस कोने से क्यों हिलती है धरती?

रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचटका प्रायद्वीप में 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसने दर्जनों देशों को हिलाकर रख दिया. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप की गहराई 19.3 किलोमीटर थी, और इसके बाद पूरे प्रशांत क्षेत्र में सुनामी का अलर्ट जारी हुआ.

Date Updated Last Updated : 30 July 2025, 03:55 PM IST
फॉलो करें:

Kamchatka earthquake: रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचटका प्रायद्वीप में 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसने दर्जनों देशों को हिलाकर रख दिया. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, भूकंप की गहराई 19.3 किलोमीटर थी, और इसके बाद पूरे प्रशांत क्षेत्र में सुनामी का अलर्ट जारी हुआ. तीव्र झटकों से लोग घबराकर घरों से बाहर भागे, कई बिना जूते या जैकेट पहने ही सड़कों पर नजर आए. एक किंडरगार्टन स्कूल में नुकसान की खबर भी सामने आई है.

कई देशों में अलर्ट

भूकंप के बाद रूस, जापान, अमेरिका (हवाई और अलास्का), कनाडा, न्यूजीलैंड, चीन, इंडोनेशिया, ताइवान, फिलीपींस, पेरू, मेक्सिको और इक्वाडोर में सुनामी की चेतावनी जारी की गई. जापान के होक्काइडो द्वीप के नेमुरो तट पर 30 सेंटीमीटर ऊंची लहरें टकराईं, जबकि रूस के कुरील द्वीप समूह में भी सुनामी की पहली लहर पहुंची. जापान ने तुरंत 20 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और फुकुशिमा परमाणु रिएक्टर को खाली कराया.

EARTH
EARTH

भूकंप और ज्वालामुखियों का गढ़

कामचटका, 1200 किलोमीटर लंबा और 480 किलोमीटर चौड़ा प्रायद्वीप, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ज्वालामुखीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है. यह क्षेत्र 'रिंग ऑफ फायर' का हिस्सा है, जहां पैसिफिक प्लेट और नॉर्थ अमेरिकन प्लेट के टकराव से भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट आम हैं. यहां की उप-आर्कटिक जलवायु, बर्फीली सर्दियां और ठंडी गर्मियां इसे और अनोखा बनाती हैं.

इतिहास में दर्ज भयावह भूकंप

कामचटका का इतिहास भूकंपों से भरा है. 1952 में 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने हवाई में 30 फुट ऊंची सुनामी लहरें पैदा की थीं. जुलाई 2025 में भी यहां 7.4 तीव्रता सहित कई झटके दर्ज हुए. फिलहाल, स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों को तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

सम्बंधित खबर