जापान में कांपी धरती, 6.2 की तीव्रता से आया भूकंप, सुनामी की चेतावनी नहीं

जापान के पश्चिमी हिस्से में स्थित चुगोकू क्षेत्र में एक शक्तिशाली भूकंप महसूस किया गया. रिपोर्ट के अनुसार भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई है. जापान के कुछ इलाकों में इसके तेज झटके महसूस किए गए हैं. हालांकि इसके बाद जापान में किसी प्रकार का हताहत नहीं हुआ.

Date Updated Last Updated : 06 January 2026, 08:39 AM IST
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Courtesy: @ravisrm511

नई दिल्ली: मंगलवार को जापान के पश्चिमी हिस्से में स्थित चुगोकू क्षेत्र में एक शक्तिशाली भूकंप महसूस किया गया. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 6.2 मापी गई. भूकंप के बाद इलाके में कई तेज झटके भी महसूस किए गए, जिससे लोगों में कुछ समय के लिए दहशत फैल गई. हालांकि भूकंप के बाद किसी भी तरह के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है. इस घटना के तुरंत बाद ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने स्थिति की जांच में लग गई. 

शिमाने प्रांत रहा केंद्र

एजेंसी द्वारा बताया जा रहा है कि इस भूकंप का केंद्र पूर्वी शिमाने प्रांत में था. राहत की बात यह रही कि भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने तुरंत स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है.

भूकंप का असर शिमाने परमाणु ऊर्जा स्टेशन के आसपास भी महसूस किया गया. यह संयंत्र चुगोकू इलेक्ट्रिक पावर कंपनी द्वारा संचालित किया जाता है और भूकंप के केंद्र से लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. हालांकि, कंपनी और जापान के परमाणु नियामक प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि संयंत्र में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या असामान्यता नहीं पाई गई.

2011 के बाद 2024 में चालू हुआ न्यूक्लियर पावर स्टेशन

परमाणु नियामक प्राधिकरण के एक प्रवक्ता ने बताया कि एहतियात के तौर पर प्लांट की दूसरी यूनिट नंबर की जांच की जा रही है. यह वही यूनिट है जो मार्च 2011 में फुकुशिमा में आई भीषण परमाणु आपदा के बाद लंबे समय तक बंद रही थी और दिसंबर 2024 में दोबारा चालू की गई थी. जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भूकंप से किसी भी तरह की तकनीकी समस्या उत्पन्न न हुई हो.

नहीं हुई जानमान की हानि

स्थानीय अधिकारियों की मानें तो जापान में इस भूकंप से फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जान-माल के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है. लोगों से शांति बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.

गौरतलब है कि जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप-संवेदनशील देशों में से एक है. देश प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है, जहां भूगर्भीय गतिविधियां बहुत ज्यादा होती हैं. इसी कारण जापान में भूकंप आना आम बात मानी जाती है और देश पहले से ही ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए अच्छी तरह तैयार रहता है.

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