जापान एयरलाइंस का बोइंग 737 हादसे से बचा, 10 मिनट में 26,000 फीट नीचे गिरा विमान

30 जून, 2025 को शंघाई से टोक्यो जा रही जापान एयरलाइंस की फ्लाइट में यात्रियों को मौत का डर सता रहा था. बोइंग 737 विमान में उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण यह मात्र 10 मिनट में 36,000 फीट की ऊंचाई से 26,000 फीट नीचे आ गया.

Date Updated Last Updated : 02 July 2025, 02:11 PM IST
फॉलो करें:

Japan Airlines: 30 जून, 2025 को शंघाई से टोक्यो जा रही जापान एयरलाइंस की फ्लाइट में यात्रियों को मौत का डर सता रहा था. बोइंग 737 विमान में उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण यह मात्र 10 मिनट में 36,000 फीट की ऊंचाई से 26,000 फीट नीचे आ गया.

विमान में करीब 200 लोग सवार थे, जिनमें 191 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे. ज़्यादातर यात्री चीनी थे, जो टोक्यो की यात्रा पर थे. इस भयावह अनुभव ने यात्रियों को अंतिम संदेश और वसीयत लिखने पर मजबूर कर दिया.

पायलटों की सूझबूझ

जापान सरकार के अनुसार, विमान के प्रेशराइजेशन सिस्टम में खराबी के कारण केबिन में हवा का दबाव कम होने लगा. पायलटों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर आपात स्थिति घोषित की और विमान को तेजी से 10,500 फीट तक नीचे लाया.

इस दौरान ऑक्सीजन मास्क तैनात किए गए, और एयर होस्टेस की चेतावनी ने फ्लाइट में हड़कंप मचा दिया. एक यात्री ने लिखा, "मेरे पैर कांप रहे हैं, जीवन और मृत्यु के बीच सब कुछ छोटा लगता है." सौभाग्यवश, पायलटों की तत्परता से विमान ओसाका में सुरक्षित उतर गया.

जापान एयरलाइंस ने दी जानकारी 

जापान एयरलाइंस ने इस घटना पर खेद जताते हुए प्रत्येक यात्री को लगभग 15,000 येन (7,700 रुपये) का मुआवजा और एक रात के होटल ठहराव की पेशकश की. विमान को लैंडिंग के बाद एक घंटे तक जांच के लिए रोका गया. कंपनी ने तकनीकी खराबी की गहन जांच शुरू कर दी है.

यह घटना बोइंग की सुरक्षा चिंताओं को फिर से उजागर करती है, खासकर हाल के हादसों के बाद. यात्रियों की सुरक्षा के लिए तकनीकी रखरखाव की महत्ता एक बार फिर सामने आई है.

सम्बंधित खबर