इजराइली रक्षा मंत्री की हमास को कड़ी चेतावनी, 'हथियार डालो, वरना गाजा तबाह हो जाएगा'

Israel-Hamas war: इजराइली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने हमास को आखिरी चेतावनी जारी की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि गाजा शहर के ऊपर आज शक्तिशाली तूफान मंडराएगा, जो आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर देगा.

Date Updated Last Updated : 08 September 2025, 02:29 PM IST
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Israel-Hamas war: इजराइली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने हमास को आखिरी चेतावनी जारी की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "गाजा शहर के ऊपर आज शक्तिशाली तूफान मंडराएगा, जो आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर देगा. हमास के आतंकियों और अपराधियों के लिए यह अंतिम चेतावनी है. बंधकों को रिहा करो और हथियार डाल दो, नहीं तो गाजा का विनाश तय है."

काट्ज ने स्पष्ट किया कि इजराइली रक्षा बल (IDF) अपनी रणनीति को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार है और गाजा पर कब्जे के लिए सैन्य अभियानों का विस्तार करेगा. इस बयान ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है, क्योंकि इजराइल गाजा पर बड़े हमले की तैयारी में है.

गाजा में मानवीय संकट

इजराइली हमलों के कारण गाजा में मानवीय स्थिति भयावह हो गई है. लगभग 10 लाख फिलिस्तीनी विस्थापन के लिए मजबूर हुए हैं. इजराइली सेना का दावा है कि हमास इन ऊंची इमारतों का उपयोग अपने ठिकानों के लिए करता है.

रोजाना होने वाले हवाई हमलों ने गाजा की ऊंची इमारतों को निशाना बनाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने चिंता व्यक्त की है. इन हमलों का उद्देश्य गाजा पर नियंत्रण स्थापित करना माना जा रहा है, जिसके चलते फिलिस्तीनी नागरिकों को क्षेत्र छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

अंतरराष्ट्रीय अस्तर पर चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि इजराइल ने उनके सीजफायर और बंधक रिहाई के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. ट्रम्प ने हमास को चेतावनी दी कि वह उनकी शर्तें मान ले, वरना परिणाम भयंकर होंगे. जवाब में, हमास ने कहा कि वह बंधकों की रिहाई पर चर्चा के लिए तैयार है, बशर्ते युद्ध समाप्त हो, इजराइली सेना गाजा से हटे, और गाजा के संचालन के लिए स्वतंत्र फिलिस्तीनी समिति गठित की जाए.

लगातार हमलों और बढ़ती मौतों ने वैश्विक समुदाय का ध्यान खींचा है. गाजा में मानवीय संकट और हिंसा को लेकर कई देशों ने चिंता जताई है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, शांति और बातचीत की जरूरत पर बल दिया जा रहा है.

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