नई दिल्ली: ईरान की राजधानी और कई अन्य शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं. ईरान में चल रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है. प्रदर्शन देश के निर्वासित युवराज रजा पहलवी के आह्वान के बाद शुरू हुए हैं. अब ईरानी में बढ़ते विरोध प्रदर्शन के कारण इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं ठप हो गई हैं, जिससे लोगों का संपर्क और जानकारी हासिल करना मुश्किल हो गया है.
विरोध प्रदर्शन अब लगभग पूरे देश में फैल चुके हैं और ईरान के 50 शहरों में लोग सड़कों पर हैं. इस दौरान हिंसा की खबरें भी आ रही हैं, जिसमें अब तक लगभग 45 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 2200 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों का समर्थन करते हुए कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका उन सभी लोगों के साथ खड़ा है, जो शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और स्वतंत्र रूप से अपने अधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं. उन्होंने ईरानी सरकार से कहा कि उन्हें अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ वास्तविक बातचीत करनी चाहिए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों की मौतों की संख्या बढ़ी तो ईरान को इसका भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
🔥 Massive crowds fill Tabriz streets as South Azerbaijanis join Iran's nationwide anti-regime protests!
Despite a nationwide internet blackout and heavy security presence, footage shows the people of Tabriz are rising with slogans in Azerbaijani. #IranProtests #Tabriz #Iran… pic.twitter.com/YwGI2oPbah
— The Azeri Times (@AzeriTimes) January 9, 2026
निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ईरानी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदर्शन को दबाने के लिए राष्ट्र में इंटरनेट, संचार और उपग्रह संकेतों को बंद किया जा रहा है. उन्होंने यूरोपीय नेताओं से अपील की कि वे ईरान के लोगों का समर्थन करें और शासन को जवाबदेह ठहराएं.
विरोध प्रदर्शन आर्थिक कठिनाइयों और बढ़ती कीमतों के खिलाफ हो रहे हैं और कई प्रांतों में लोगों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुई हैं. ईरानी जनता की नाराजगी बढ़ती जा रही है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज़ी से फैल रहे हैं.