इंडोनेशिया में बड़ा हिंसा! वित्त मंत्री के घर लूटपाट, राष्ट्रपति ने रद्द किया चीन दौरा

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में तैनात सैनिकों पर हमला किया, प्रवेश द्वार तोड़ा और घर में लूटपाट की. कीमती सामान चुराने के साथ-साथ संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया. इस हिंसा के चलते राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो को अपनी चीन यात्रा रद्द करनी पड़ी.

Date Updated Last Updated : 31 August 2025, 01:41 PM IST
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Violence in Indonesia: इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता सहित कई शहरों में पिछले एक हफ्ते से चल रहे प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं. गुस्साई भीड़ ने दक्षिण तंगेरांग में वित्त मंत्री मुलयानी इंद्रावती के आवास पर हमला बोला.

प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा में तैनात सैनिकों पर हमला किया, प्रवेश द्वार तोड़ा और घर में लूटपाट की. कीमती सामान चुराने के साथ-साथ संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया. इस हिंसा के चलते राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो को अपनी चीन यात्रा रद्द करनी पड़ी.

सांसदों के भत्तों ने भड़काया जनता का गुस्सा

हाल ही में खुलासा हुआ कि इंडोनेशिया के 580 सांसदों को उनके वेतन के अतिरिक्त प्रतिमाह 50 लाख रुपये (लगभग 3,075 डॉलर) मकान भत्ते के रूप में मिल रहे हैं, जो राजधानी के न्यूनतम वेतन से 10 गुना अधिक है. महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही जनता के लिए यह खबर आग में घी डालने जैसी साबित हुई. इसके बाद लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए.

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक झड़प

इस दौरान पुलिस की बख्तरबंद गाड़ी ने एक डिलीवरी राइडर को कुचल दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया. सुराबाया, योग्याकर्ता, मेदान, मकास्सर, मनाडो, बांडुंग और पापुआ जैसे शहरों में भी प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने सिग्नल तोड़े, सड़कें जाम कीं और यातायात को घंटों तक ठप कर दिया.

अन्य नेताओं के घर भी निशाने पर

वित्त मंत्री के घर पर हमले के साथ-साथ नास्देम पार्टी की सांसद और पूर्व अभिनेत्री नाफा उरबाक के दक्षिण तंगेरांग स्थित आवास पर भी भीड़ ने हमला किया. पूर्वी जकार्ता के दुरेन सावित में पूर्व टीवी होस्ट उया कुया के घर में भी लूटपाट हुई.

दक्षिण जकार्ता में विधायक एको पैट्रियो के आलीशान घर से कपड़े, रेफ्रिजरेटर और एलपीजी सिलेंडर तक लूट लिए गए. उया और एको हाल ही में संसद के वार्षिक सत्र में डांस वीडियो के कारण विवादों में थे. इन घटनाओं के दौरान पुलिस की निष्क्रियता ने कई सवाल खड़े किए हैं. हिंसा और लूटपाट को रोकने में असमर्थता ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है.

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