भारत को अमेरिका से मिलेंगे एफ-35 लड़ाकू विमान, ट्रंप का भारत के साथ रक्षा क्षेत्र में बड़ी छलांग

ट्रंप ने कहा कि भारत को एफ-35 लड़ाकू विमान देने का निर्णय सैन्य आपूर्ति को बढ़ाने के एक बड़े हिस्से के रूप में लिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच इस साल से सैन्य बिक्री में अरबों डॉलर की बढ़ोतरी की जाएगी. ट्रंप ने मोदी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भारत और अमेरिका के बीच एक विशेष संबंध है, और हम रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और संचार के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लेते हैं."

Date Updated Last Updated : 15 February 2025, 04:37 PM IST
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Courtesy: social media

India US Defense Agreement: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा कि वह भारत को एफ-35 लड़ाकू विमान देने का रास्ता तैयार कर रहे हैं, जो भारतीय सेना की शक्ति को और बढ़ाएगा. यह कदम भारत और अमेरिका के रक्षा सहयोग को नए आयाम में ले जाएगा.

भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रक्षा संबंध

ट्रंप ने कहा कि भारत को एफ-35 लड़ाकू विमान देने का निर्णय सैन्य आपूर्ति को बढ़ाने के एक बड़े हिस्से के रूप में लिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच इस साल से सैन्य बिक्री में अरबों डॉलर की बढ़ोतरी की जाएगी. ट्रंप ने मोदी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "भारत और अमेरिका के बीच एक विशेष संबंध है, और हम रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और संचार के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लेते हैं."

ऊर्जा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ेगा

ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण समझौते होंगे. इसके तहत, अमेरिका भारत को तेल और गैस का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनेगा. यह भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. 

आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रयास

ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद से लड़ने के लिए नए साझा प्रयासों की बात भी की. उन्होंने यह उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका अब आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए पहले कभी नहीं किए गए उपायों पर काम करेंगे. विशेष रूप से, उन्होंने 26/11 मुंबई हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण का उल्लेख किया और इसे अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया.

व्यापार संबंधों में मजबूती और सुधार

सीमा शुल्क के विवादों के बारे में बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन समान अवसर चाहता है और दोनों देशों के व्यापार संबंधों को बेहतर बनाने के लिए दोनों पक्ष मिलकर काम करेंगे. उन्होंने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे को मजबूत करने पर भी जोर दिया, जिसे वे "सबसे बेहतर व्यापार मार्गों में से एक" मानते हैं. 

भारत में अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकी का स्वागत

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत अपने कानूनों में सुधार कर रहा है ताकि अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकी को भारतीय बाजार में प्रवेश मिल सके. यह कदम भारत और अमेरिका के बीच परमाणु सहयोग को और बढ़ावा देगा.

नए व्यापार सौदों की संभावना

ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका मिलकर बड़े व्यापार सौदों की घोषणा करने जा रहे हैं. इन सौदों का उद्देश्य दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाना है.

भारत और अमेरिका के बीच दोस्ती का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान ट्रंप को उनके दूसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी. दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक मजबूत कदम उठाने का संकल्प लिया. 

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