Fake news by Pakistani media: पाक की एक बार फिर बेइज्जती! ट्रंप के इस्लामाबाद दौरे का दावा निकला झूठ

पाकिस्तानी मीडिया एक बार फिर गलत खबर फैलाने के लिए दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई है. हाल ही में, पाकिस्तान के कुछ मीडिया हाउस ने दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सितंबर 2025 में इस्लामाबाद का दौरा करेंगे.

Date Updated Last Updated : 17 July 2025, 06:28 PM IST
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Donald Trump UK Visit: पाकिस्तानी मीडिया एक बार फिर गलत खबर फैलाने के लिए दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई है. हाल ही में, पाकिस्तान के कुछ मीडिया हाउस ने दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सितंबर 2025 में इस्लामाबाद का दौरा करेंगे.

यह खबर पूरी तरह से बेबुनियाद निकली, क्योंकि ट्रंप का वास्तविक शेड्यूल 17 से 19 सितंबर के बीच यूनाइटेड किंगडम (UK) के राजकीय दौरे का है. व्हाइट हाउस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया, जिससे पाकिस्तानी मीडिया की फर्जी खबर की पोल खुल गई.

पाक मीडिया का झूठा दावा

पाकिस्तान के समा टीवी ने दावा किया था कि डोनाल्ड ट्रंप 18 सितंबर को इस्लामाबाद पहुंचेंगे. यह दावा इस आधार पर किया गया कि 2006 में पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने पाकिस्तान का दौरा किया था. हालांकि, सच्चाई यह है कि ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप यूनाइटेड किंगडम का दौरा करेंगे, जहां किंग चार्ल्स तृतीय और रानी कैमिला विंडसर कैसल में उनका स्वागत करेंगे. ब्रिटेन की रानी कैमिला ने 14 जुलाई 2025 को इस दौरे की पुष्टि की थी. ट्रंप ने इस दौरे को शाही परिवार का सम्मानजनक निमंत्रण बताया.

पाकिस्तान का शर्मनाक रिकॉर्ड

पिछले 19 वर्षों में किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है. हाल ही में, ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर की मेजबानी की थी, जिसके बाद पाकिस्तान ने ट्रंप को 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की बात कही थी. यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तानी मीडिया फर्जी खबरें फैलाते पकड़ा गया है. 

पाक मीडिया की विश्वसनीयता पर सवाल

पहले भी, भारत-पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाक मीडिया ने कई बेतुके दावे किए थे, जो बाद में झूठे साबित हुए. पाकिस्तानी मीडिया की यह हरकत वैश्विक मंच पर उसकी साख को और कमजोर करती है. फर्जी खबरों के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रामक प्रचार करने की उनकी कोशिशें बार-बार नाकाम हो रही हैं.

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