डोनाल्ड ट्रम्प बने अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने दिलाई शपथ

डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. उन्हें अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई। यह शपथ ग्रहण समारोह वाशिंगटन डीसी के प्रतिष्ठित कैपिटल बिल्डिंग में आयोजित हुआ. ट्रम्प को मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

Date Updated Last Updated : 20 January 2025, 11:13 PM IST
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Washington DC: डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. उन्हें अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई. यह शपथ ग्रहण समारोह वाशिंगटन डीसी के प्रतिष्ठित कैपिटल बिल्डिंग में आयोजित हुआ. ट्रम्प को मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

समारोह का भव्य आयोजन

शपथ ग्रहण समारोह में देश-विदेश से कई गणमान्य हस्तियों ने भाग लिया. यह आयोजन अमेरिकी लोकतंत्र की परंपराओं और संविधान की महत्ता को दर्शाने वाला था. जैसे ही डोनाल्ड ट्रम्प ने शपथ ली, समर्थकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई. ट्रम्प ने अपने उद्घाटन भाषण में जनता की सेवा और देश को एक नई दिशा देने का संकल्प लिया.

ट्रम्प का संबोधन

शपथ ग्रहण के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने संबोधन में कहा, “यह केवल मेरी नहीं, बल्कि हर अमेरिकी नागरिक की जीत है. हम मिलकर अमेरिका को पहले से अधिक महान बनाएंगे. मेरा उद्देश्य देश के हर नागरिक तक समृद्धि और सुरक्षा पहुंचाना है.”

उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डाला, जिनमें रोजगार के अवसर बढ़ाना, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और स्वास्थ्य सेवा में सुधार करना प्रमुख हैं.

मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स की भूमिका

मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने एक बार फिर राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाई. रॉबर्ट्स इससे पहले भी कई शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा रह चुके हैं. उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने इस समारोह को और अधिक विशेष बना दिया.

राजनीतिक विश्लेषकों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प के इस कार्यकाल में कई नई नीतियां लागू हो सकती हैं. उनकी पिछली नीतियों और वर्तमान दृष्टिकोण पर नजर डालें तो यह तय है कि उनका नेतृत्व प्रभावशाली रहेगा.

डोनाल्ड ट्रम्प का 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण न केवल अमेरिकी राजनीति बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है. यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह कार्यकाल कैसा रहेगा और वे अमेरिका को किस दिशा में ले जाते हैं.

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