नई दिल्ली: वेनेजुएला की राजनीति में एक बड़ा और अचानक बदलाव देखने को मिला है. देश पर हुए अचानक हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद देश की बागडोर उनकी करीबी सहयोगी और उपराष्ट्रपति रहीं डेल्सी रोड्रिगेज को सौंपी गई है. मादुरो की गैरमौजूदगी में उन्हें देश का अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया है. अब उन्होंने राष्ट्रपति के रूप में शपत ली है.
सोमवार दोपहर (स्थानीय समय) कराकास स्थित नेशनल असेंबली भवन में संसद के विशेष सत्र के दौरान यह शपथ ग्रहण समारोह हुआ, जिसमें डेल्सी रोड्रिगेज को उनके भाई और नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने पद की शपथ दिलाई.
शपथ लेने के बाद डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि उन्होंने यह जिम्मेदारी बहुत दुख और पीड़ा के साथ स्वीकार की है. उनके अनुसार, राष्ट्रपति मादुरो और प्रथम महिला सिलिया फ्लोरेस को अमेरिका द्वारा पकड़ा जाना किसी 'अपहरण' से कम नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि वेनेजुएला पर हुए कथित अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के बाद देश की जनता को काफी कष्ट झेलना पड़ा है. अपने संबोधन में उन्होंने इसे देश की संप्रभुता पर हमला बताया और इस पूरे घटनाक्रम पर गहरा शोक जताया.
Jorge Rodríguez juramentando a su hermana Delcy y como garante ponen al hijo de Nicolás Maduro.
— Hassan Nassar (@HassNassar) January 6, 2026
Solo falta en la foto la hija de Hugo Chávez dando la bendición.
El combo de sátrapas protegidos e inspirados por la dictadura cubana. pic.twitter.com/qgKCLYTKzI
डेल्सी रोड्रिगेज के शपथ ग्रहण के तुरंत बाद चीन, रूस और ईरान के राजदूतों ने उन्हें बधाई दी. ये तीनों देश वेनेजुएला के करीबी सहयोगी माने जाते हैं. इन देशों ने अमेरिका की कार्रवाई की कड़ी आलोचना भी की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है.
डेल्सी रोड्रिगेज वेनेजुएला की जानी-मानी और प्रभावशाली नेता हैं. उन्हें जून 2018 में देश की उपराष्ट्रपति बनाया गया था. इसके अलावा वे वित्त मंत्री और तेल मंत्री की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं, जिससे उनकी भूमिका सरकार में काफी मजबूत रही है.
पूर्व राष्ट्रपति मादुरो उन्हें अपनी सरकार की 'शेरनी' कहकर संबोधित करते थे, क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सरकार का सख्त बचाव करती रही हैं.