कर्ज के बोझ में दबा मालदीव, भारत से मदद की आस

Maldives: मालदीव में मोहम्मद मुइज्जू की सरकार सत्ता में आने के बाद से देश की आर्थिक हालत बिगड़ने लगी है. मुइज्जू ने सत्ता में आते ही भारत के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए 'इंडिया आउट' का नारा दिया था जिसके बाद से दोनों मुल्कों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी. अब इस देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी है. इसके कारण अब मालदीव को भारत से मदद की आशा है. 

Date Updated Last Updated : 07 September 2024, 05:21 PM IST
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Courtesy: pexels

Maldives: मालदीव में मोहम्मद मुइज्जू की सरकार सत्ता में है. इस सरकार के सत्ता में आते ही देश के आर्थिक हालत बिगड़ने लगे हैं. जब सरकार सत्ता में आई तो इन्होंने भारत के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए 'इंडिया आउट' का नारा दिया. इससे भारत और मालदीव के रिश्तों में थोड़ी सी खटास आ गई थी. मालदीव की आर्थिक स्थिति  टूरिज्म पर ही टिकी हुई है. इस कारण भारत से बिगड़ते रिश्तों का असर मालदीव के टूरिज्म पर भी पड़ा. दुनियाभर से आने वाले सैलानियों ने मालदीव जाना कम कर दिया है. इससे मालदीव की आर्थिक परेशानियां बढ़ने लगी हैं. 

चीन ने मालदीव को काफी अधिक कर्ज दे रखा है. अब मालदीव को उस कर्ज को चुकाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में अब मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू को भारत से मदद की तलाश है. अभी हाल ही में भारत और मालदीव के बीच सैन्य वार्ता हुई थी. इस वार्ता को काफी अहम माना जा रहा है. ये बातचीत भारत के रक्षा सचिव गिरीधर अरमाने और मालदीव के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स जनरल इब्राहिम हिल्मी के बीच हुई थी. इसमें दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग और भविष्य के सैन्य अभ्यासों पर चर्चा की . भारत ने इस बातचीत को सफल बताया है. इस दौरान भारत ने कहा है कि इससे दोनों देशों के हित मजबूत होंगे. इसके साथ ही हिंद महासागर में शांति बरकरार रहेगी. 

भारत ने वापस बुला ली थी फौज 

मालदीव ने पिछले साल भारत से अपने सैनिकों को वापस बुलाने को कहा था. इसके बाद भारत ने 2024 की शुरुआत में अपने 80 सैन्य अफसरों को भारत बुला लिया था. मालदीव में भारतीय हेलीकॉप्टर और विमान ऑपरेट करने के लिए भी टेक्निकल स्टॉफ मौजूद है. मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद से द्विपक्षीय संबंध फिर से सही हो रहे हैं. 

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