नई दिल्लीः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच की जुबानी जंग अब एक व्यापारिक युद्ध में बदलती दिख रही है. ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक ऐसा बम फोड़ा है, जिसने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कनाडा ने चीन के साथ अपनी प्रस्तावित ट्रेड डील आगे बढ़ाई, तो अमेरिका में आने वाले हर कनाडाई उत्पाद पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया जाएगा. अगर ट्रंप अपनी 100% टैरिफ की धमकी पर अमल करते हैं, तो कनाडाई अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है.
ट्रंप ने अपने पोस्ट में कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को गवर्नर कहकर संबोधित किया, जो कनाडाई संप्रभुता पर एक सीधा कटाक्ष माना जा रहा है. ट्रंप ने कहा कि अगर गवर्नर कार्नी को लगता है कि वह कनाडा को चीन के लिए अमेरिका में सामान भेजने का ड्रॉप ऑफ पोर्ट बनाएंगे. वह बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं. ट्रंप ने डराते हुए यहां तक कह दिया कि चीन कनाडा को "जिंदा खा जाएगा" और वहां के सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर देगा.
यह तनाव तब शुरू हुआ जब पीएम मार्क कार्नी ने चीन की यात्रा की और शी जिनपिंग से मुलाकात की. कनाडा ने चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर से 100% सरचार्ज हटाकर उसे मात्र 6% करने का फैसला किया है. बदले में चीन कनाडाई कैनोला पर टैरिफ कम करेगा और कनाडाई नागरिकों को वीजा-मुक्त यात्रा देगा. ट्रंप को लगता है कि इस डील के जरिए चीन अपने सस्ते सामान को कनाडा के रास्ते अमेरिकी बाजार में डंप करेगा, जिससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा.
हाल ही में ट्रंप ने मजाक में कहा था कि वह कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाना चाहते हैं. अब हालात बिगड़ चुके हैं. दावोस में मार्क कार्नी ने ट्रंप की दबाव डालने वाली राजनीति की आलोचना की, जिसके जवाब में ट्रंप ने कार्नी को अपने बोर्ड ऑफ पीस से बाहर कर दिया और कहा कि कनाडा सिर्फ अमेरिका की वजह से जिंदा है. मार्क कार्नी अपनी चीन डील पर कायम रहेंगे या ट्रंप के आर्थिक प्रहार के आगे झुक जाएंगे.