Ranveer Allahbadia मामले पर SC ने केंद्र से पूछे सवाल, आखिर अश्लील कंटेट पर क्या कर रही है सरकार?

सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर यूट्यूब, पर फैल रहे अश्लील कंटेंट को लेकर चिंता जताई है. कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि क्या वह यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठा रही है?

Date Updated Last Updated : 18 February 2025, 06:46 PM IST
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Courtesy: social media

Supreme Court On YouTube Content: सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर यूट्यूब, पर फैल रहे अश्लील कंटेंट को लेकर चिंता जताई है. कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि क्या वह यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठा रही है? यह सवाल यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में की गई अभद्र टिप्पणी से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान उठाया गया.

सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया द्वारा किए गए अभद्र और आपत्तिजनक बयान पर सख्त टिप्पणी की. यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें उनके शो के दौरान की गई अश्लील टिप्पणी का जिक्र है. इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने रणवीर इलाहाबादिया को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की, लेकिन साथ ही सोशल मीडिया पर चल रहे अश्लील कंटेंट के प्रति अपनी चिंता भी व्यक्त की.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से क्या सवाल किया?

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या वह यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील सामग्री के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए कोई कदम उठा रही है? कोर्ट ने कहा, "हम चाहते हैं कि सरकार इस मुद्दे पर कुछ करे. अगर सरकार तैयार है, तो हमें खुशी होगी. अन्यथा, हम इसे इस तरह से छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं." कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मुद्दे की संवेदनशीलता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है और इसे एक "खालीपन" और "बंजर क्षेत्र" के रूप में नहीं छोड़ा जा सकता, जहां यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग हो रहा हो.

सुप्रीम कोर्ट का तिखा रुख

सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया के खिलाफ कई एफआईआर पर विचार करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों से न केवल समाज बल्कि उनके माता-पिता को भी शर्मिंदगी हुई होगी. अदालत ने यह भी कहा कि उनके दिमाग में "कुछ गंदा" था, जिसे उन्होंने सार्वजनिक रूप से उगल दिया.

केंद्र को दिया गया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील सामग्री के खिलाफ ठोस कदम उठाने की उम्मीद जताई. कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर सरकार इस दिशा में कार्रवाई करने को तैयार है, तो इसे लेकर अदालत को खुशी होगी. 

जानिए पूरा मामला

रणवीर इलाहाबादिया की याचिका में कहा गया था कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को एक साथ जोड़ा जाए और उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी जाए. यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में की गई अभद्र टिप्पणियों के बाद यह मामला तूल पकड़ गया था, जिसके बाद अदालत को इस मुद्दे पर सुनवाई करनी पड़ी. 

यह मामला यह भी उजागर करता है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते अश्लील कंटेंट पर नियंत्रण और विनियमन की आवश्यकता है, ताकि इस तरह के दुरुपयोग को रोका जा सके.

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