नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े की याचिका खारिज कर दी है, जिसमें उन्होंने शाहरुख खान, उनके प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट और नेटफ्लिक्स को ‘बैड ऑफ बॉलीवुड’ वेब सीरीज से कुछ दृश्य हटाने का निर्देश देने की मांग की थी. न्यायालय ने कहा कि इस मामले की सुनवाई का क्षेत्राधिकार उसके पास नहीं है.
दरअसल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के पूर्व अधिकारी समीर वानखेड़े ने एक याचिका दायर की, जिसमें दावा किया गया था कि शो के कुछ हिस्से मानहानिकारक हैं और उन दृश्यों का उद्देश्य समीर की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाना है.
विशेष रूप से एपिसोड 1 के 32:02 और 33:50 के बीच के दृश्य का हवाला दिया गया, जिसमें एक किरदार समीर के व्यक्तित्व और व्यवहार से काफी मिलता-जुलता बताया गया. इस कारण उन्होंने नेटफ्लिक्स और रेड चिलीज़ से शॉट हटाने का आदेश देने की मांग की थी.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस वेब सीरीज का निर्माण, सह-लेखन और निर्देशन शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान ने किया है. आर्यन को 2021 में एनसीबी की क्रूज जहाज छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 2022 में उन्हें और अन्य पांच लोगों को दोषमुक्त कर दिया गया.
रेड चिलीज़ और नेटफ्लिक्स ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के पास इस मामले की सुनवाई का अधिकार नहीं है. सीनियर वकील नीरज किशन कौल और राजीव नैयर ने अपना तर्क रखते हुए कहा कि मामला मुंबई में दर्ज किया जाना चाहिए था क्योंकि वानखेड़े का निवास और रेड चिलीज़ का मुख्यालय वहीं स्थित है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यह सीरीज केवल एक काल्पनिक व्यंग्य है और इसमें वास्तविक क्रूज छापे की घटना का चित्रण नहीं किया गया.
वानखेड़े से जोड़ देखा जा रहा किरदार
वानखेड़े की ओर से वकील जय साई दीपक ने अदालत को बताया कि कथित मानहानि का प्रभाव दिल्ली में पड़ा. उन्होंने कहा कि दिल्ली में उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चल रही है, मीडिया में सीरीज का व्यापक प्रचार हुआ और दर्शकों ने किरदार को वानखेड़े से जोड़ा.
दीपक ने यह भी दावा किया कि अभिनेता ने खुले तौर पर किरदार वानखेड़े जैसा होने की बात स्वीकार की थी, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है.